‘रायबरेली में खाकी का ‘गांजा’ गेम…’, ‘NDPS प्रभारी’ बनकर दरोगा ने गाड़ी में बैठाकर वसूले लाख रुपये, पीड़ित ने खोले राज!

UP: रायबरेली जिले के भदोखर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जमालपुर निवासी एक खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके भाई को बिना किसी ठोस आधार के हिरासत में लिया और बाद में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में फंसाने की कोशिश की। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

परिवार का दावा

पीड़ित के भाई विनय श्रीवास्तव के अनुसार, 5 अप्रैल की शाम करीब 4:30 बजे पुलिसकर्मी उनके भाई को दुकान से उठाकर थाने ले गए थे। इसके बावजूद बाद में दर्ज एफआईआर में यह दर्शाया गया कि आरोपी को रात करीब 9:30 बजे गश्त के दौरान संदिग्ध अवस्था में पकड़कर गिरफ्तार किया गया। परिवार का कहना है कि उनके पास ऐसे ऑडियो, वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जो यह साबित कर सकते हैं कि व्यापारी शाम से ही पुलिस की निगरानी में था। शिकायतकर्ता का दावा है कि कुछ पुलिसकर्मियों के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास सुरक्षित है।

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चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मामले को निपटाने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने मोटी रकम की मांग की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि एक पुलिस अधिकारी ने निजी वाहन में बैठाकर समझौते की बातचीत की और केस को हल्का करने के बदले डेढ़ लाख रुपये की मांग रखी। परिवार के अनुसार, दबाव में आकर उन्होंने किस्तों में करीब 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि कुछ रकम तत्काल दी गई, जबकि शेष राशि अलग-अलग पुलिसकर्मियों के माध्यम से ली गई। बदले में जल्द चालान और राहत दिलाने का आश्वासन दिया गया।

विवाद बढ़ने पर रकम लौटाने का भी आरोप

पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने अपने पास मौजूद सबूतों का हवाला दिया और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से वसूली गई रकम का बड़ा हिस्सा वापस कर दिया। हालांकि, परिवार का आरोप है कि पूरी रकम वापस नहीं की गई और शेष धनराशि लौटाने से इनकार कर दिया गया।

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अधिकारियों को सौंपे गए ऑडियो-वीडियो साक्ष्य

मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने एडिशनल एसपी को लिखित शिकायत के साथ कथित ऑडियो और वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। शिकायत में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

जांच के आदेश, कार्रवाई पर नजर

पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, इस मामले ने जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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