फर्रुखाबाद। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (उप्र) कायमगंज के पदाधिकारियों ने प्रीपेड बिजली मीटर से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन अधिशासी अभियंता विद्युत उपकेंद्र, कायमगंज के माध्यम से भेजा गया, जिसमें व्यापारियों और उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद हजारों उपभोक्ताओं और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मीटर लगने के बाद बार-बार बिजली कट रही है, सर्वर सही तरीके से काम नहीं कर रहा, भुगतान करने के बावजूद अपडेट नहीं हो रहा और उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
प्रमुख समस्याएं जो ज्ञापन में उठाई गईं
प्रीपेड मीटर लगने के बाद लगातार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है
विभागीय सर्वर सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा
भुगतान के बाद भी समय पर अपडेट नहीं हो रहा
पुरानी सिक्योरिटी एडजस्टमेंट की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही
बिना आधार के पुराने बकाये दिखाकर वसूली की जा रही
कनेक्शन व बिलिंग में भारी अनियमितताएं
उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर व अन्य डाटा अपडेट नहीं किए जा रहे
मीटर लगाने के बाद भी सीलिंग सर्टिफिकेट व अन्य दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं
उपभोक्ताओं के मोबाइल में एप डाउनलोड की सुविधा नहीं मिल रही
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की है कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर इसे उपभोक्ता की सहमति पर लागू किया जाए। साथ ही मीटर संचालन से संबंधित पूरी जानकारी और मैन्युअल उपलब्ध कराया जाए।
इसके अलावा 5 वर्ष की गारंटी, मोबाइल एप की अनिवार्य व्यवस्था, सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर देने, और मीटर की जांच के लिए स्वतंत्र लैब स्थापित करने की मांग भी की गई है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि यदि मीटर तेज चलने की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर बिलिंग में सुधार किया जाए।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नए कनेक्शन जारी करने में एक्सपीडाइट शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और बिना जांच के पुराने कनेक्शनों की रिकवरी निकाली जा रही है, जो उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।
आंदोलन की चेतावनी
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी वर्ग आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी। ज्ञापन पर संगठन के कई पदाधिकारियों और व्यापारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, पवन गुप्ता, मनोज कौशल, अमित सेठ, संजय गुप्ता, अतुल गुप्ता संजीव अग्रवाल, सुधीर गुप्ता लखपति सक्सेना, रश्मि दुबे मधु गंगवार, वसीम अंसारी, विशाल गुप्ता, जिससे यह साफ है कि यह मुद्दा व्यापक स्तर पर व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ है।












































