UP 69000 Shikshak Bharti: लखनऊ में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। वहीं कई प्रदर्शनकारी गले में झाड़ू और मटकी लटकाकर विरोध जताने के लिए भी पहुंचे।
सरकार पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार पर दलित और पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में प्रभावी पैरवी नहीं हो रही है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, सरकार की ओर से वकील तक ठीक से खड़ा नहीं किया जा रहा, जिससे केस आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
पुलिस कार्रवाई
विधानसभा का घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकते हुए हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी को इको गार्डन भेज दिया गया। पिछले तीन वर्षों से अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया में कथित आरक्षण घोटाले का आरोप लगाते हुए लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी समाधान नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जून 2020 और जनवरी 2022 की चयन सूचियों को रद्द कर दिया था। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि 2019 की सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (ATRE) के आधार पर नई चयन सूची तीन महीने के भीतर जारी की जाए। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है।
लंबे समय से जारी संघर्ष और बढ़ती नाराजगी
अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले छह वर्षों से आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई जिलों में प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को नजरबंद भी किया जा रहा है। करीब 19 हजार सीटों पर आरक्षण से जुड़ा यह मामला अब भी अटका हुआ है, जिससे अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी बनी हुई है।
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