आगरा: जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद को लेकर सोमवार को मुस्लिम महापंचायत के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक प्रेरित बताया और कथित बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़’ का आरोप
प्रदर्शन के दौरान महापंचायत के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार शिक्षा और युवाओं के भविष्य की बात करती है, लेकिन जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े घटनाक्रम में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अनिश्चितता में डाल दिया गया है। उनका कहना था कि किसी भी कार्रवाई का सबसे अधिक असर वहां अध्ययन कर रहे छात्रों पर पड़ रहा है।
शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाने का दावा
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी एक शिक्षण संस्थान है, लेकिन इसके खिलाफ हो रही कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि यदि संस्थान को नुकसान पहुंचता है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस मामले में संतुलित और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
निष्पक्ष जांच और छात्रों के हितों की मांग
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन और सरकार से आग्रह किया कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि उनकी शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के समापन पर मुस्लिम महापंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपनी मांगों और आपत्तियों से प्रशासन को अवगत कराया तथा जौहर यूनिवर्सिटी प्रकरण में न्यायसंगत और पारदर्शी कार्रवाई की मांग दोहराई।
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