Home UP News ‘जाति नहीं, आर्थिक स्थिति बने आरक्षण का आधार…’, सीतापुर में क्षत्रिय परिषद...

‘जाति नहीं, आर्थिक स्थिति बने आरक्षण का आधार…’, सीतापुर में क्षत्रिय परिषद ने उठाई मांग

सीतापुर में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने व्यापक समीक्षा की मांग उठाई है। परिषद ने आरक्षण का लाभ जातिगत आधार के बजाय आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को समान रूप से दिए जाने की मांग की है। परिषद का कहना है कि संविधान सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय के साथ समानता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है।

परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि स्वतंत्रता के बाद समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण समेत कई संवैधानिक प्रावधान लागू किए गए। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में आरक्षण एवं सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समान अवसर मिल सके।अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। परिषद ने आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित सवर्ण वर्गों की स्थिति का अध्ययन करने और उनके हित में नीतियां बनाने के लिए सवर्ण आयोग के गठन की मांग की है।

Also Read: UP: आरक्षण-UGC विरोधी पदयात्रा से पहले एक्शन, सीतापुर में 40 लोग हिरासत में

इसके अलावा परिषद ने एससी/एसटी एक्ट की व्यापक समीक्षा कर उसे न्यायसंगत, संतुलित और कथित दुरुपयोग से बचाने के लिए आवश्यक संशोधन या पुनर्विचार की मांग की है। परिषद ने पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त करने की मांग करते हुए योग्यता, दक्षता और समान अवसर के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की बात कही है।

परिषद ने यूजीसी से संबंधित व्यवस्था को वापस लेने की मांग भी उठाई है। साथ ही आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ सभी जातियों एवं वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को समान रूप से दिए जाने की मांग की गई है।परिषद ने सरकार से जनहित, समानता और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध किया है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)