वाराणसी: अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर से सियासत गरम, सपा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

वाराणसी: विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सोमवार को उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर पोस्टर लगाए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया। लखनऊ, वाराणसी, उन्नाव, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई शहरों में लगाए गए पोस्टरों को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। वाराणसी में सपा नेताओं ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

सपा के प्रदेश सचिव राजू यादव ने बताया कि वाराणसी के पांडेपुर और सिगरा क्षेत्र में अखिलेश यादव की तस्वीर वाले आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्टर लगाए गए। उनके मुताबिक पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर को अतीक अहमद और मुन्ना बजरंगी जैसे नामों के साथ जोड़ा गया और समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर आपत्तिजनक नारे लिखे गए।

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राजू यादव ने कहा कि वाराणसी में जगह-जगह CCTV कैमरों से निगरानी होती है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों तक की पहचान कैमरों के जरिए की जाती है। ऐसे में पोस्टर लगाने वालों की पहचान भी CCTV फुटेज से की जा सकती है। उन्होंने पुलिस से संबंधित फुटेज की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सपा नेताओं के अनुसार, पोस्टरों पर ‘अतीक अहमद और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार’ और ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’ जैसे नारे लिखे गए थे। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव की सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।पोस्टरों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। राजू यादव ने पुलिस कमिश्नर को दिए ज्ञापन में मांग की कि पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या समूह की तत्काल पहचान कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अलग-अलग शहरों में लगाए गए इन पोस्टरों के पीछे कौन व्यक्ति या संगठन है।

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