UP: कानपुर देहात (Kanpur Dehat) जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होली से पहले मिलावटी तेल पर विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत ज्वाइंट कमिश्नर लखनऊ के नेतृत्व में टीम ने जिले की तीन बड़ी तेल फैक्ट्रियों, मयूर एडिबल ऑयल, बावर्ची ग्रुप और वैभव एडिबल ऑयल पर एक साथ छापेमारी की। टीम ने फैक्ट्रियों में गहन जांच की और बड़ी संख्या में पाउच, टिन, डिब्बे और गत्तों में पैक तेल जब्त किया।
क्या मिली अनियमितताएं?
जांच के दौरान टीम को फैक्ट्रियों में कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इनमें शामिल हैं:
- फर्जी लेबलिंग और गलत ब्रांडिंग
- मानकों के विपरीत तेल की पैकिंग
- मिलावटी या घटिया क्वालिटी का तेल
- बिना लाइसेंस या पुराने लाइसेंस पर उत्पादन
- सैनिटेशन और हाइजीन में कमी
टीम ने लाखों लीटर तेल के स्टॉक को जब्त कर लिया और नमूने जांच के लिए लैब में भेज दिए। रिपोर्ट आने पर यदि तेल मिलावटी या सब-स्टैंडर्ड पाया जाता है तो कंपनियों पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी।
होली से पहले विशेष अभियान
खाद्य विभाग ने होली के मौके पर मिलावटी तेल और खाद्य पदार्थों पर सख्ती बरतने का अभियान तेज किया है। होली में तेल-मसाले और तले हुए पदार्थों की खपत बढ़ती है, इसलिए विभाग ने बड़े पैमाने पर फैक्ट्रियों और दुकानों पर रेड की योजना बनाई। कानपुर देहात में यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। विभाग का कहना है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फैक्ट्रियों में अफसरों की मौजूदगी
ज्वाइंट कमिश्नर लखनऊ के नेतृत्व में टीम ने सुबह से शाम तक तीनों फैक्ट्रियों में छापेमारी की। टीम में ड्रग इंस्पेक्टर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और पुलिस बल शामिल था। जब्त तेल के नमूने लखनऊ की लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर यदि कोई मिलावट साबित होती है तो कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किए जा सकते हैं।
Also Read: कुत्ते के लिए तोड़ दिया होने वाले पति से रिश्ता! यूपी का ये मामला हैरान कर देगा
व्यापारियों और उपभोक्ताओं में सतर्कता
इस कार्रवाई से आगरा के तेल व्यापारियों और उपभोक्ताओं में सतर्कता बढ़ गई है। लोग कह रहे हैं कि होली पर तेल-मसाले खरीदते समय ब्रांड और पैकिंग जरूर चेक करें। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल BIS मार्क वाली और विश्वसनीय कंपनियों का तेल खरीदें। यदि कोई मिलावटी तेल मिले तो तुरंत शिकायत करें।
आगे की कार्रवाई
खाद्य विभाग ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी फैक्ट्रियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यदि मिलावट की मात्रा ज्यादा पाई जाती है तो आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा। फिलहाल तीनों फैक्ट्रियों की उत्पादन गतिविधियां रोकी गई हैं और जब्त तेल की नीलामी या नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।










































