UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, कुल 958 अभ्यर्थी चयनित

UPSC ने सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (CSE) 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस साल अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर टॉप किया है। राजस्थान के रहने वाले अनुज ने AIIMS जोधपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। आयोग ने कुल 958 अभ्यर्थियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) समेत अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए चयनित किया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर पीडीएफ के रूप में परिणाम देख सकते हैं।

मेन परीक्षा और इंटरव्यू के संयुक्त अंकों पर बना रिजल्ट

UPSC का यह अंतिम परिणाम सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार किया गया है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण केवल चुनिंदा अभ्यर्थी ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। इसी वजह से UPSC की परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है।

टॉप-10 में देशभर के प्रतिभाशाली अभ्यर्थी

इस बार टॉप-10 सूची में देश के अलग-अलग राज्यों के उम्मीदवारों ने जगह बनाई है। अनुज अग्निहोत्री के बाद राजेश्वरी सुवे एम ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि आकांश धुल तीसरे स्थान पर रहे। चौथे स्थान पर राघव झुनझुनवाला, पांचवें पर ईशान भटनागर, छठे पर जिन्निया अरोड़ा, सातवें पर ए.आर. राजा मोहिदीन, आठवें पर पाक्षल सेक्रेट्री, नौवें स्थान पर आस्था जैन और दसवें स्थान पर उज्ज्वल प्रियंक रहे। इन सभी अभ्यर्थियों की सफलता कड़ी मेहनत और सही रणनीति का परिणाम मानी जा रही है।

कुल 958 अभ्यर्थी चयनित

UPSC ने इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों की सिफारिश विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए की है। इनमें IAS, IPS, IFS और अन्य ग्रुप-A सेवाएं शामिल हैं। आयोग के अनुसार, मेरिट सूची में शामिल उम्मीदवारों के विस्तृत अंक लगभग 15 दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग कैडर और सेवाओं में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।

डॉक्टर से सिविल सेवा टॉपर बनने तक का सफर

अनुज अग्निहोत्री का सफर काफी प्रेरणादायक माना जा रहा है। राजस्थान के जोधपुर जिले के छोटे से गांव रहाता के रहने वाले अनुज ने AIIMS जोधपुर से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने DANICS सेवा में प्रोबेशनर के रूप में भी कार्य किया। UPSC में यह उनका तीसरा प्रयास था और उन्होंने मेडिकल साइंस को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें स्टैंड-अप कॉमेडी और क्रिकेट का भी शौक है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी सिविल सेवा में शीर्ष स्थान हासिल कर सकते हैं।

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