UP: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की मां पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करने वाले बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम अब गिरफ्तारी के डर से घबराए हुए हैं। मौलाना ने सोशल मीडिया और जलसों के माध्यम से खुद को पीड़ित बताते हुए विक्टिम कार्ड खेला है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि यदि उन्हें जेल हुई तो युवा सड़कों पर उतर आएं और विरोध करें। मौलाना ने कहा है कि अगर जेल गया तो सिर्फ व्हाट्सएप और ट्विटर पर पोस्ट ही करते रहना और मैदान पर उतर जाना चाहिए। यूपी और उत्तराखंड में अब तक उनके खिलाफ 120 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस विभिन्न थानों में जांच कर रही है।
मौलाना का विक्टिम कार्ड और भड़काऊ बयान
मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने हाल ही में एक जलसे और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वे निर्दोष हैं और उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक दबाव में फंसाया जा रहा है। मौलाना ने मुस्लिम युवाओं को उकसाते हुए कहा कि अगर मुझे जेल हुई तो सिर्फ व्हाट्सएप और ट्विटर पर पोस्ट करने से काम नहीं चलेगा, मैदान पर उतर जाना चाहिए। उन्होंने समुदाय से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की। इन बयानों को भड़काऊ बताते हुए कई संगठनों ने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। मौलाना के खिलाफ अब तक यूपी के 83 थानों और उत्तराखंड में भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
यूपी में बढ़ता आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
मौलाना की टिप्पणी के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हिंदू संगठनों और आम लोगों में भारी रोष है। कई जिलों में मौलाना का पुतला दहन किया गया और गिरफ्तारी की मांग के साथ प्रदर्शन हो रहे हैं। लखनऊ में आज हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर पार्षद स्वदेश सिंह के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन हुआ। शहर के चौराहों पर विरोधी होर्डिंग्स लगाए गए हैं। मौलाना के बयानों से आक्रोश और बढ़ गया है क्योंकि उन्होंने खुद को पीड़ित बताकर समुदाय को उकसाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि मौलाना के बयान जांच के दायरे में हैं और यदि धारा 153A या 295A के तहत केस बनता है तो सख्त कार्रवाई होगी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
यूपी पुलिस ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों की जांच तेज कर दी है। बिहार पुलिस से भी समन्वय किया जा रहा है ताकि मौलाना को जल्द गिरफ्तार किया जा सके। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर उनके बयानों की निगरानी बढ़ा दी है और अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले पोस्ट्स पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। यदि मौलाना के बयान से कोई हिंसा हुई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सामाजिक प्रभाव और आगे की संभावनाएं
यह मामला उत्तर प्रदेश में धार्मिक भावनाओं और कानून व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ रहा है। मौलाना के विक्टिम कार्ड और उकसावे वाले बयानों से स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है। कई संगठन और नेता मौलाना की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं जबकि उनके समर्थक खुद को पीड़ित बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। यदि गिरफ्तारी हुई तो विरोध प्रदर्शन बढ़ सकते हैं।
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