UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में रविवार को एक घर में धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मां-बेटे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, जिसमें बिहार के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है।
लिखित शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
गोरखनाथ थाना क्षेत्र के सूरजकुंड निवासी शीतल मिश्रा ने गुलरिहा थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि कुछ लोग धन का लालच देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और रविवार शाम को एक घर में चल रही प्रार्थना सभा पर छापा मारा। मौके से चार लोगों को दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में अमित सिंह (कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के परवरपार गांव निवासी), रीता देवी (उनकी मां), कन्हैया यादव (पीपीगंज निवासी) और विक्की कुमार (गुलरिहा सरहरी निवासी) शामिल हैं।
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बीमारी-भूत प्रेत इलाज और पैसे का प्रलोभन
पूछताछ में पता चला कि आरोपी बीमारी, भूत-प्रेत के इलाज के नाम पर लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाते थे। इसके बाद पैसे, कर्ज माफी और अन्य सुविधाओं का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते थे। विशेष रूप से पिछड़े और गरीब तबके के लोगों को निशाना बनाया जाता था। नाम बदलने पर अच्छी रकम और सुविधाएं देने का वादा किया जाता था। गुलरिहा इलाके में हर रविवार ऐसी प्रार्थना सभाएं आयोजित होती थीं, जिनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
लंबे समय से चल रही गतिविधियां
स्थानीय लोगों के अनुसार, गुलरिहा क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय के आसपास, जंगल एकला, सरहरी, पिपराइच और पीपीगंज सहित कई इलाकों में, खासकर मिशनरी स्कूलों के आस-पास ऐसे प्रयास लंबे समय से चल रहे थे। हालांकि, अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिलने से पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाई थी। लिखित तहरीर मिलने के बाद ही मामला दर्ज हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपी बिहार के एक व्यक्ति के इशारे पर काम कर रहे थे, जिसे मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसकी तलाश जारी है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह के निर्देशन में जांच चल रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बन गई है, जहां प्रलोभन और धोखाधड़ी के आधार पर धर्म परिवर्तन के प्रयासों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।














































