गोरखपुर: मंडलीय कारागार गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व पार्षद श्याम यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध कर तन्हाई बैरक में रखे जाने के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस घटना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय खुद जेल पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया।
नेता प्रतिपक्ष ने लिया जेल का जायजा
माता प्रसाद पाण्डेय मंगलवार को मंडलीय कारागार पहुंचे। उन्होंने श्याम यादव से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और जेल प्रशासन से विस्तृत जानकारी मांगी। तन्हाई बैरक में रखने के कारणों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया। उनके साथ अन्य सपा नेताओं ने भी इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
श्याम यादव को बाद में शिफ्ट किया गया
सूत्रों के अनुसार, श्याम यादव को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध करने के बाद करीब दो दिन तक तन्हाई बैरक में रखा गया था। बाद में उन्हें बैरक नंबर 25 में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बावजूद सपा नेताओं का आक्रोश कम नहीं हुआ है।
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सपा का आरोप
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के किसी नेता को तन्हाई बैरक में रखना अनुचित है। इससे मानसिक दबाव बनाया जाता है। पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि ऐसे व्यवहार जारी रहे तो मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश
इस घटनाक्रम के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजगी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके नेता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा।
जेल प्रशासन चुप
जेल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। माना जा रहा है कि शुरुआत में सुरक्षा कारणों से उन्हें तन्हाई बैरक में रखा गया होगा, जिसे बाद में सामान्य बैरक में बदल दिया गया।
यह मामला राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।













































