गोरखपुर : उत्तर प्रदेश शासन के खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को “उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023” के सफल क्रियान्वयन और उत्कृष्ट सहयोग के लिए सम्मानित किया है। विश्वविद्यालय को थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।
थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी के रूप में भूमिका
राज्य स्तर पर गठित स्टेट लेवल एम्पावर्ड कमेटी (SLEC) द्वारा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को दी जाने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहनों के अनुमोदन से पहले स्थलीय सत्यापन कराया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रो. दिव्या रानी सिंह को प्रशस्ति पत्र
विश्वविद्यालय की गृह विज्ञान विभाग की प्रोफेसर प्रो. दिव्या रानी सिंह को नोडल अधिकारी के रूप में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। उनके नेतृत्व में डॉ. अनुपमा कौशिक, अतिथि शिक्षिका डॉ. गरिमा यादव और एमएससी फूड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों की टीम ने निरीक्षण कार्य को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया।
टीम ने आवंटित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का भौतिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और रिपोर्ट तैयार कर उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर प्रस्तुत की, जिसकी विभाग द्वारा सराहना की गई।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन का बयान
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने प्रो. दिव्या रानी सिंह और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनका समर्पण, कार्यकुशलता और समयबद्धता विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। प्रो. टंडन ने कहा कि यह सम्मान संस्थान की विश्वसनीयता और कार्यसंस्कृति को रेखांकित करता है।
आर्थिक लाभ भी
विश्वविद्यालय को इस कार्य के लिए कंसल्टेंसी सब्सिडी के अलावा कंसल्टेंसी फीस भी प्राप्त हो रही है, जिससे संस्थान को आर्थिक सहायता भी मिल रही है।
विश्वविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों में हर्ष का वातावरण है। सभी ने प्रो. दिव्या रानी सिंह और उनकी टीम को बधाई दी है।
प्रो. पूनम टंडन ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी विश्वविद्यालय शासन की विभिन्न विकासपरक योजनाओं में सक्रिय योगदान देता रहेगा और अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।



