UP: बरेली (Bareilly) में राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर लंबित जमीनी पैमाइश और जनसुनवाई मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने करीब आधा दर्जन लेखपालों को चेतावनी जारी की है। साथ ही उन्हें दो दिन के भीतर लंबित मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने जताई नाराजगी, जांच के आदेश
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के संज्ञान में यह मामला आया कि शासन के निर्देशों के बावजूद कई शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
देरी और लापरवाही पर लेखपाल चिन्हित
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने जांच के बाद क्षेत्र के कुछ लेखपालों को चिन्हित किया है, जिन पर पैमाइश कार्य में देरी, फाइलों को लंबित रखने और शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने के आरोप हैं। सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर लंबित कार्य पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें।
पीड़ित की दोबारा शिकायत से खुला मामला
मामले की गंभीरता तब सामने आई जब रहपुरा चौधरी निवासी परवेज ने जमीन विवाद को लेकर जिलाधिकारी से पहले भी पैमाइश की मांग की थी। आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने दोबारा शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने भी निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें न आएं।
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