गोरखपुर : सभी तहसीलों में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन में संयुक्त प्रयास पर जोर

गोरखपुर। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राहत आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर गुरुवार को जनपद गोरखपुर की सभी तहसीलों में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। बाढ़, अग्निकांड, नाव दुर्घटना, अस्पताल में आग और बांध रिसाव जैसी विभिन्न आपदाओं से निपटने का अभ्यास किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने कहा कि आपदा प्रबंधन में संयुक्त प्रयास ही सफलता की कुंजी है।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य प्रशासन, पुलिस, राहत एजेंसियों और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा वास्तविक आपदा आने पर त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। पूरे कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गोरखपुर द्वारा किया गया।

तहसील सदर में बाढ़ का सजीव अभ्यास

तहसील सदर में बाढ़ की स्थिति का पूर्ण अभ्यास किया गया। प्रभावित लोगों और पशुओं को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर पहुंचाने, पंजीकरण, कम्युनिटी किचन संचालन, बसों की व्यवस्था, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के साथ रेस्क्यू, नाव दुर्घटना नियंत्रण, अंडरवाटर ऑपरेशन और मेडिकल व कम्युनिकेशन पोस्ट स्थापित करने का अभ्यास किया गया। ड्रोन के माध्यम से पूरे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया।

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अन्य तहसीलों में विभिन्न परिदृश्यों का अभ्यास

– सहजनवा तहसील : एचपीसीएल बॉटलिंग प्लांट के बाहर टैंकर में आग लगने की स्थिति पर नियंत्रण का अभ्यास।
– चौरी-चौरा तहसील : मल्टी डिजास्टर परिदृश्य में फील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर घायलों को तत्काल उपचार दिया गया।
– बांसगांव तहसील : अस्पताल में आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने का अभ्यास।
– कैंपियरगंज तहसील : प्रभावित गांवों से लोगों व पशुओं को निकालकर पशु राहत शिविर स्थापित करने का अभ्यास।
– खजनी तहसील : पुल क्षतिग्रस्त होने और बांध में रिसाव की स्थिति से निपटने का अभ्यास।
– गोला तहसील (बड़हलगंज घाट) : नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं नाविकों को प्रशिक्षण।

जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय

सुबह 9 बजे से जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) को सक्रिय किया गया। एडीएम, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, पशुपालन समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी वहां तैनात रहे। वायरलेस के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया। इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत उप जिलाधिकारी इंसिडेंट कमांडर और तहसीलदार लॉजिस्टिक सेक्शन चीफ की भूमिका में रहे।

बहु-एजेंसी सहभागिता

बिहार राज्य आपदा मोचन बल की 26 सदस्यीय टीम ने 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ गोरखपुर के साथ संयुक्त अभ्यास किया। रेस्क्यू ऑपरेशन और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रदर्शन किया गया।

इस मॉक ड्रिल में राजस्व, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, अग्निशमन, स्वास्थ्य, नगर निगम, सिंचाई, पंचायती राज, एनसीसी और आपदा मित्रों ने सक्रिय भागीदारी की।

एडीएम का संदेश

अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने कहा कि आपदा प्रबंधन कोई एक विभाग का काम नहीं है। इसमें सभी विभागों, एजेंसियों और आम जनता का संयुक्त एवं समन्वित प्रयास ही प्रभावी परिणाम दे सकता है।

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