रायबरेली । ‘सितारों से आगे जहां और भी हैं…’ कुछ इसी जज्बे के साथ रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन का मैदान तालियों की गड़गड़ाहट और अनुशासन की धमक से गूंज उठा। मौका था 490 रिक्रूट आरक्षियों की पासिंग आउट परेड का। कड़ी ट्रेनिंग की भट्ठी में तपकर कुंदन बने इन जांबाजों ने जब कदम से कदम मिलाया, तो दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। अब ये नए सिपाही उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार का हिस्सा बनकर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में अपना दम दिखाएंगे।
डीजी रेलवे ने दी सलामी, अनुशासन देख गदगद हुए अफसर
समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी रहे। उन्होंने सजे-धजे परेड दल का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में आरक्षियों में जोश भरते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि जनता के साथ विनम्र व्यवहार और पीड़ितों की त्वरित सहायता ही पुलिस का असली धर्म है।
अंधेरे को चीरेंगे ये ‘स्मार्ट’ सिपाही
कार्यक्रम में मौजूद एसपी रवि कुमार ने नए आरक्षियों को भविष्य की चुनौतियों से आगाह किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पुलिसिंग सिर्फ लाठी तक सीमित नहीं है। साइबर क्राइम, सोशल मीडिया के जरिए फैलते अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मोर्चों पर इन ‘स्मार्ट’ सिपाहियों को अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाना होगा।
जब वर्दी में लाडले को देख छलक उठीं आंखें
मैदान का नजारा तब भावुक हो गया जब परेड खत्म होने के बाद परिजनों को अपने बच्चों से मिलने का मौका मिला। फटेहाल मेहनत कर बच्चों को इस मुकाम तक पहुंचाने वाले माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। किसी ने बेटे की वर्दी को चूम लिया तो कोई अपनी लाडली को पुलिस अफसर के रूप में देख गर्व से फूला नहीं समा रहा था। पूरा परिसर उत्साह, ऊर्जा और ‘भारत माता की जय’ के नारों से सराबोर रहा।
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इनकी रही मौजूदगी
समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक और भारी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली।













































