इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के कई चर्चित बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े आपराधिक रिकॉर्ड राज्य सरकार से तलब किए हैं। इनमें राजा भैया, बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह समेत 50 से अधिक नाम शामिल बताए जा रहे हैं। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि इन सभी के शस्त्र लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच की जाए और पूरी रिपोर्ट पेश की जाए।
याचिका पर सुनवाई से शुरू हुआ मामला
यह मामला संत कबीरनगर निवासी जयशंकर उर्फ ‘बैरिस्टर’ की याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गन लाइसेंस जारी करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। 18 मई को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस विनोद दिवाकर ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए गृह विभाग से जवाब मांगा था। बाद में 20 मई को अदालत का आदेश आधिकारिक रूप से वेबसाइट पर अपलोड किया गया।
कई नामों पर आपराधिक रिकॉर्ड और लाइसेंस की जांच
कोर्ट ने जिन व्यक्तियों की सूची में आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य विवरण मांगे हैं, उनमें रघुराज प्रताप सिंह, धनंजय सिंह, सुशील सिंह, बृज भूषण सिंह, विनीत सिंह, अजय मरहद, सुजीत सिंह बेलवा, उपेंद्र सिंह गुड्डू, पप्पू भौकाली, इन्द्रदेव सिंह, सुनील यादव, फरार अज़ीम, बादशाह सिंह, संग्राम सिंह, सुल्लू सिंह, चुलबुल सिंह, सनी सिंह, छुन्नू सिंह और डॉ. उदय भान सिंह के नाम शामिल हैं।। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन सभी मामलों में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन की जांच जरूरी है।
सरकार के हलफनामे पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक शस्त्र लाइसेंस जारी हैं और हजारों आवेदन अभी लंबित हैं। यह भी सामने आया कि 6 हजार से अधिक लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने इस स्थिति पर हैरानी जताते हुए गृह विभाग को फटकार लगाई और 26 मई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।














































