गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर डीएम सख्त, लापरवाही पर वेतन रोकने और संचालन बदलने के निर्देश

फर्रुखाबाद : जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने जनपद की गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गो आश्रय स्थल जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में आगामी वृक्षारोपण अभियान को लेकर सभी गौशालाओं में व्यापक स्तर पर पौधरोपण की तैयारी करने तथा तीन दिन के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया। कड़ियोली और मौधा गौशालाओं में ऊसर भूमि के कारण पौधों के सूखने की जानकारी मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी को भूमि सुधार एवं तकनीकी उपाय करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान एनजीओ द्वारा संचालित सितवनपुर पिथू और सुल्तानपुर पलनापुर गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने दोनों गौशालाओं का संचालन तत्काल संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपने के निर्देश दिए।

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डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार गौशालाओं का निरीक्षण करने, पशुओं के स्वास्थ्य, चारा, पेयजल और अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। बसेली गौशाला में निरीक्षण के दौरान अभिलेख उपलब्ध न मिलने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए।

नेपुर खुर्द गौशाला के खराब संपर्क मार्ग को शीघ्र दुरुस्त कराने तथा भरतामऊ गौशाला में दस दिन के भीतर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं पहाड़पुर बृहद गौ संरक्षण केंद्र के गोपालकों को छह माह से लंबित मानदेय का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए दो दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित कराने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गोवंश संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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