‘600 करोड़ का बिजनेस एम्पायर, 17 करोड़ की शादी…’, केतन अग्रवाल मर्डर केस की इनसाइड स्टोरी!

अगर कोई आपसे पूछे कि प्यार का सबसे खूबसूरत रूप क्या होता है, तो शायद आप कहेंगे… भरोसा। लेकिन अगर वही भरोसा किसी की मौत की वजह बन जाए, तो? पुणे के 26 साल के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल के साथ जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस लड़की के साथ वह सात फेरे लेने वाला था, जिसके लिए वह करोड़ों की शादी की तैयारियां कर रहा था, जिसे वह “प्रिंसेस ट्रीटमेंट” दे रहा था, उसी पर अब उसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप है। और सबसे हैरान करने वाली बात? लोग इस पूरे मामले की तुलना सीधे इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी केस से कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल को लग्जरी कार में पिक करने पहुंचता है। हाथों में गुलाब…..कार के सनरूफ पर फूलों की चादर….रोमांटिक म्यूजिक और सामने खड़ी सिया, जो खुश होकर केतन को गले लगा रही है। इसके बाद दोनों लाइव म्यूजिक के बीच डांस करते दिखाई देते हैं। वीडियो देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी फिल्म का रोमांटिक सीन चल रहा हो। लेकिन शायद केतन को नहीं पता था कि जिस लड़की को वह अपनी जिंदगी की रानी मान रहा है, उसके दिल में कुछ और ही चल रहा था।

दोनों की शादी 26 नवंबर 2026 को होने वाली थी। परिवार के मुताबिक, जयपुर में एक आलीशान पैलेस बुक किया गया था। शादी के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था। और सबसे ज्यादा खुश था खुद केतन…लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस रिश्ते को सब प्यार समझ रहे थे… उसके पीछे एक ऐसा राज छिपा है, जो आखिरकार मौत बनकर सामने आएगा।

18 जून 2026। सिया का जन्मदिन आने वाला था। केतन चाहता था कि वह इस बार जन्मदिन को खास बनाए। दोस्तों के साथ लोहागढ़ किले की ट्रिप प्लान की गई। लेकिन पुलिस के मुताबिक, इसी ट्रिप में एक ऐसी साजिश को अंजाम दिया गया, जिसकी तैयारी काफी पहले से हो रही थी। आरोप है कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को 350 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। शुरुआत में इसे हादसा माना गया। सिया ने पुलिस को बताया कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा और भी चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि 14 जून को भी सिया केतन को उसी लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी। उस दौरान केतन अचानक खाई की तरफ फिसलने लगा था। लेकिन झाड़ियों में हाथ फंस जाने से उसकी जान बच गई। परिवार का आरोप है कि उसी दिन हत्या की पहली कोशिश हुई थी। लेकिन जब केतन गिरने लगा तो सिया ने अचानक “सांप… सांप…” चिल्लाना शुरू कर दिया और यह दिखाने की कोशिश की कि वह उसे बचा रही थी।

उस वक्त केतन ने शायद बात को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन चार दिन बाद वही किला उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया। पुलिस जांच में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। सिर्फ जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2004 फोन कॉल्स हुए। इन छह महीनों में दोनों ने करीब 238 घंटे बातचीत की। यानी लगभग दस दिन लगातार फोन पर बात।

इतनी बातचीत ने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया। पुलिस के मुताबिक, 18 जून वाले दिन चेतन का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5 बजकर 40 मिनट तक बंद था। जांच में पता चला कि उसने अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़ दिया था। और खुद अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर लोहागढ़ चला गया था। उसे लगा कि इस तरह उसकी लोकेशन ट्रैक नहीं होगी। लेकिन यही चालाकी उसके खिलाफ सबूत बन गई।

जब पुलिस ने उन लोगों से पूछताछ की, जिन्होंने 18 जून को चेतन के फोन पर कॉल किया था, तो सबने बताया कि फोन चेतन नहीं, दुकान के कर्मचारी उठा रहे थे। यहीं से पुलिस को पूरा शक हो गया। केतन की मौत के बाद अंतिम संस्कार हुआ। चार दिन बाद सिया गोयल शोक जताने के लिए केतन के घर पहुंची। यहीं केतन की बहन ने उससे कुछ सवाल पूछे। लेकिन जवाबों में उसे कुछ अजीब लगा। बहन को महसूस हुआ कि सिया के चेहरे पर दुख से ज्यादा कुछ छिपाने की बेचैनी दिखाई दे रही है।

उसने अपनी शंका पुलिस को बताई। और फिर पुलिस ने गुप्त तरीके से जांच शुरू की। यही वह मोड़ था, जिसने पूरे केस की तस्वीर बदल दी। केतन की मौत के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा। उसमें लिखा था— “मेरा दिल जानता है कि तुम यहीं हो…” उस वक्त लोगों ने इसे एक दुखी मंगेतर की भावनाएं माना। लेकिन गिरफ्तारी के बाद यही पोस्ट सवालों के घेरे में आ गया। लोग पूछने लगे— क्या यह सचमुच दुख था? या फिर खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश?

लोग इस मामले की तुलना इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी केस से कर रहे हैं। वहां भी एक शादीशुदा रिश्ता था। वहां भी एक प्रेमी था। वहां भी सोशल मीडिया पर खुशहाल जिंदगी की तस्वीरें थीं। और बाद में हत्या की कहानी सामने आई। यहां भी वही पैटर्न दिखाई देता है। एक तरफ प्यार। दूसरी तरफ कोई और रिश्ता। और फिर मौत। फर्क सिर्फ इतना है कि सोनम ने खुद को गायब दिखाने की कोशिश की थी। जबकि सिया ने हादसे का नाटक किया।

अगर किसी रिश्ते में खुशी नहीं थी… अगर कोई और पसंद था… अगर शादी नहीं करनी थी… तो क्या अलग होना इतना मुश्किल था? क्या एक इंसान की जान लेना ही आखिरी रास्ता था? यही सवाल आज सोशल मीडिया से लेकर हर घर तक पूछा जा रहा है। पुलिस ने सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर रही हैं। अभी अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।

लेकिन इस कहानी ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है। अगर किसी रिश्ते में प्यार खत्म हो जाए…अगर किसी और से मोहब्बत हो जाए…अगर साथ नहीं चलना हो… तो क्या सच बोलना इतना मुश्किल हो गया है? क्योंकि रिश्ता टूटने का दर्द… कुछ समय तक रहता है। लेकिन विश्वास टूटने का दर्द…पीढ़ियां याद रखती हैं। और शायद इसलिए कहा जाता है— “मौत से ज्यादा खतरनाक वो धोखा होता है…जो प्यार के नाम पर दिया जाए।” आपकी क्या राय है?

केतन चला गया… लेकिन पीछे छोड़ गया कुछ ऐसे सवाल…जिनका जवाब सिर्फ अदालत नहीं, समाज को भी देना होगा। “मोहब्बत में इंकार की इजाजत है… लेकिन किसी की जिंदगी छीनने की नहीं।” अगर साथ नहीं रहना था..तो क्या अलग होना इतना मुश्किल था? क्या रिश्तों में ईमानदारी खत्म होती जा रही है? और सबसे बड़ा सवाल…क्या आज का प्यार सच में बदल गया है… या हम लोगों को पहचानने में गलती कर रहे हैं?

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