UP: अयोध्या दौरे पर पहुंचे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन-पूजन किए। उनके इस दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली से भी एक ‘सज्जन’ यहां आए हैं। दिल्ली को उन्होंने बर्बादी और भ्रष्टाचार के सिवाय कुछ नहीं दिया। यदि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के विकास के लिए उतनी ही गंभीरता दिखाई होती, जितनी भाजपा की डबल इंजन सरकार ने अयोध्या के लिए दिखाई है, तो आज राष्ट्रीय राजधानी की तस्वीर भी अलग होती।
महाराज जी। आप चंदा चोरों का क्यो साथ दे रहे हो? ये चंदा चोर आपको भी हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे।
भगवान राम के घर हुई महा डकैती के राक्षसों को सरे आम फाँसी दिलवाने के मेरे संघर्ष में आप मेरा साथ दीजिए। इस महापाप में भागीदार मत बनिए। https://t.co/7ZXkhaETER
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 26, 2026
‘अयोध्या से सीखिए विकास का मॉडल’
केजरीवाल का पलटवार, लगाए गंभीर आरोप
सीएम योगी की टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि, महाराज जी, आप चंदा चोरों का क्यो साथ दे रहे हो? ये चंदा चोर आपको भी हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे। भगवान राम के घर हुई महा डकैती के राक्षसों को सरे आम फाँसी दिलवाने के मेरे संघर्ष में आप मेरा साथ दीजिए। इस महापाप में भागीदार मत बनिए।
एफआईआर को बताया ‘दिखावा’, जांच पर उठाए सवाल
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में दर्ज एफआईआर पर भी केजरीवाल ने सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि अब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि इतना बड़ा मामला केवल कनिष्ठ कर्मचारियों के स्तर पर संभव नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण के पीछे उच्च स्तर के लोगों की भूमिका हो सकती है, लेकिन उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है और जिम्मेदारी छोटे कर्मचारियों पर डाली जा रही है।
बयानों से गरमाई सियासत
अयोध्या दौरे के दौरान शुरू हुई यह बयानबाजी अब राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गई है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को भाजपा सरकार की उपलब्धि बताते हुए विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं, वहीं अरविंद केजरीवाल राम मंदिर से जुड़े कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच और बड़े जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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