उत्तर प्रदेश : रायबरेली जिला सहकारी बैंक का बड़ा फैसला, दशकों से बंद पड़े 4 सहकारी संघ दोबारा शुरू; QR कोड से होगी उर्वरक खरीद

रायबरेली : जिला सहकारी बैंक ने सहकारिता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दशकों से बंद पड़े चार सहकारी संघों गौराहरदो, परशदेपुर, छतोह व सलोन को बैंक द्वारा दोबारा संचालित कर दिया गया है. इसके साथ ही इन समितियों के बेहतर संचालन के लिए धनराशि भी आवंटित कर दी गई है. वर्तमान में बैंक का कुल कारोबार 570 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसे बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की पैक्स कंप्यूटरीकरण योजना के तहत बैंक से जुड़ी सभी 185 बी-पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है. इससे किसानों को मिलने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता आएगी और सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी. इसके अलावा, 123 बी-पैक्स समितियों में क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक खरीद एवं अन्य लेन-देन की आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है.

 

समितियों के उन्नयन के लिए मिले दो करोड़ रुपये

प्रदेश सरकार की नवगठित बी-पैक्स उन्नयन योजना के तहत जनपद की 22 समितियों के विकास और उन्नयन के लिए दो करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की गई है. इसके साथ ही इन समितियों को 10 लाख रुपये तक की उर्वरक ‘कैश एंड कैरी’ ऋण सीमा पर ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है.

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 सदस्यता महाभियान में जुड़े 1.13 लाख से अधिक नए सदस्य

बैंक प्रबंधन के अनुसार, बैंक द्वारा 29 नवगठित बी-पैक्स को सदस्यता प्रदान की गई है. सदस्यता महाभियान 2023-24 एवं 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 1,13,558 नए सदस्य बनाए गए, जिससे बैंक को 2.46 करोड़ रुपये का अंशधन (शेयर कैपिटल) प्राप्त हुआ है. इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और सहकारिता के ढांचे को मजबूती मिलेगी.

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