अयोध्या : फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में एक सख्त फैसला लिया है। एसोसिएशन ने 8 आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया है। किसी भी वकील को इनका वकालत करने की अनुमति नहीं होगी।
5 लाख का जुर्माना और सदस्यता रद्द
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई वकील इन आरोपियों का केस लेता है तो उसे 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उस वकील की बार एसोसिएशन की सदस्यता भी रद्द कर दी जाएगी।
बाहर से वकील आने पर भी शर्त
अगर बाहर से कोई वकील इनका केस लड़ने आता है तो उसे पहले 5 लाख रुपये बार एसोसिएशन में जमा करने होंगे। उसके बाद ही पैरवी की अनुमति दी जा सकती है।
आरोपियों को सजा दिलाने के लिए बनी कमेटी
बार एसोसिएशन ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है। यह कमेटी अदालत में पैरवी करेगी और मामले को मजबूती से लड़ने का जिम्मा संभालेगी।
अधिवक्ताओं का वीडियो वायरल
इस फैसले के बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वकीलों ने एकजुटता दिखाते हुए आरोपियों का केस न लड़ने का संकल्प लिया है।
राम भक्तों में खुशी का माहौल
राम मंदिर चंदा घोटाले को लेकर राम भक्तों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश था। बार एसोसिएशन के इस फैसले को उन्होंने राम भक्तों की आस्था की रक्षा के रूप में देखा है।
SIT जांच जारी
इस मामले में SIT की जांच चल रही है। SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
यह फैसला अयोध्या में काफी चर्चा का विषय बन गया है। कई राम भक्तों और सामाजिक संगठनों ने बार एसोसिएशन की सराहना की है, जबकि कुछ लोगों ने इसे एक तरफा रुख बताया है।
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