अमेठी : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अमेठी में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. साथ ही अस्पताल परिसर में लगे अग्निशामक यंत्रों के रख – रखाव में लापरवाही की बात भी सामने आ रही है. दरअसल, अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर धूल और गंदगी से ढके हुए दिख रहे हैं, जिससे उनकी नियमित निगरानी और देखभाल पर प्रश्नचिह्न लग गया है.
मौके पर लगे एक अग्निशामक यंत्र की सर्विस स्लिप के अनुसार यह एबीसी प्रकार का 4 किलोग्राम क्षमता वाला यंत्र है, जिसकी रिफिलिंग और परीक्षण 24 जून 2025 को किया गया था व अगली जांच एवं रिफिलिंग 23 जून 2026 को प्रस्तावित है. इसके बावजूद उपकरणों की साफ-सफाई और नियमित निरीक्षण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
मरीज़ों ने उठाई मांग
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच कराने तथा सभी अग्निशामक यंत्रों की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
भविष्य की तैयारियाँ तेज़
एसीएमओ डॉ. पी.के. उपाध्याय ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम स्थापित करने के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री अस्पताल परिसर में पहुंच चुकी है. उन्होंने बताया कि सिस्टम की मंजूरी मिल चुकी है. इसके बाद अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं आधुनिक हो जाएगी.
प्रतिदिन सैकड़ों मरीज़ों की होती है आवाजाही
स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और तीमारदार आते हैं. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरणों का पूरी तरह क्रियाशील होना आवश्यक है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में फायर सेफ्टी मानको का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए.
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