गोरखपुर को सांसद रवि किशन शुक्ला की बड़ी सौगात: एम्स में 15-बेड अत्याधुनिक प्राइवेट वार्ड का उद्घाटन, मरीजों को मिलेंगी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं

गोरखपुर। पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ल ने अपनी सांसद निधि से निर्मित 15-बेड अत्याधुनिक प्राइवेट वार्ड का उद्घाटन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर में किया। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह नया वार्ड मरीजों को बेहतर उपचार, अधिक सुविधा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता की परिकल्पना पर आधारित इस रोगी-केंद्रित पहल का उद्देश्य मरीजों को आधुनिक, सुविधाजनक और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सोमवार, 29 जून 2026 को आयोजित उद्घाटन समारोह में सांसद श्री रवि किशन शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और वार्ड का लोकार्पण कर इसे जनसेवा के लिए समर्पित किया।

उद्घाटन के बाद सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल के नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सांसद निधि का उपयोग ऐसे जनहितकारी कार्यों में किया जा रहा है, जिनसे आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नया प्राइवेट वार्ड मरीजों के उपचार की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगा तथा उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगा।

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उन्होंने कहा कि “जनसेवा ही हमारा संकल्प है। क्षेत्रवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास से जुड़े ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।”

एम्स प्रशासन के अनुसार, इस 15-बेड निजी वार्ड में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, आरामदायक आवासीय सुविधाओं और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा। निजी वार्ड का आवास शुल्क एम्स नई दिल्ली की स्वीकृत दरों के अनुसार निर्धारित किया गया है, जिससे पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित की जा सके।

संस्थान ने बताया कि निजी वार्ड की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ की जाएंगी। शुरुआती चरण में सीमित संख्या में बेड उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि आगामी समय में इसे पूर्ण 15-बेड क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था से मरीजों की बढ़ती आवश्यकता के अनुरूप बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

एम्स गोरखपुर ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल निजी वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान की उस व्यापक सोच का हिस्सा है जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ जनस्वास्थ्य संवर्धन, रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस निजी वार्ड के संचालन से पूर्वांचल के मरीजों को महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे न केवल उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को अधिक सुविधाजनक एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्राप्त होंगी। यह पहल गोरखपुर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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