नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड का अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और वरिष्ठ IAS अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण को नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन
केंद्र सरकार ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड (National Road Safety Board) का गठन किया है। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य देशभर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना है। बोर्ड में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि नीतियां व्यावहारिक और प्रभावी बन सकें।
नितिन रमेश गोकर्ण की नई जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश कैडर के 1980 बैच के पूर्व IAS अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण को बोर्ड का पहला अध्यक्ष बनाया गया है। गोकर्ण उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और सड़क परिवहन, लोक निर्माण तथा प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति को सड़क सुरक्षा क्षेत्र में अनुभवी प्रशासक को मिली बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
बोर्ड में शामिल प्रमुख सदस्य
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड में देश के विभिन्न राज्यों के परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली और तमिलनाडु के परिवहन आयुक्त बोर्ड के सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रतिनिधि और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञ भी बोर्ड का हिस्सा होंगे। इस विविधता से बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
सड़क सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन ऐसे में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। बोर्ड सड़क डिजाइन, वाहन सुरक्षा मानकों, यातायात नियमों के कड़े क्रियान्वयन, ड्राइवर ट्रेनिंग और जागरूकता अभियानों पर काम करेगा। बोर्ड केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके सड़क सुरक्षा नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में कार्य करेगा।
नितिन गोकर्ण का प्रशासनिक अनुभव
नितिन रमेश गोकर्ण ने उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने परिवहन, राजस्व, शहरी विकास और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अपनी कार्यकुशलता दिखाई है। उनके अनुभव और दूरदर्शिता से उम्मीद की जा रही है कि नया बोर्ड सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में सफल रहेगा।
भविष्य की कार्ययोजना
बोर्ड के गठन के साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़ी नई पहलों की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन, हाईवे पर बेहतर साइनेज, ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यक्रम और राज्य स्तर पर सड़क सुरक्षा समितियों को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। नितिन रमेश गोकर्ण के नेतृत्व में बोर्ड इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेजी से काम करेगा।
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