राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन बनाए गए अंतरिम महासचिव

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। उनके स्थान पर पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम रूप से ट्रस्ट के महामंत्री का दायित्व सौंपा गया। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि ने मीडिया को इस निर्णय की जानकारी दी।

नई जिम्मेदारी संभालते ही कृष्ण मोहन ने तय की प्राथमिकताएं

महामंत्री का दायित्व मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पूरे प्रकरण में दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रस्ट की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उनका कहना था कि जहां भी प्रशासनिक या प्रबंधन संबंधी कमियां होंगी, उन्हें दूर कर सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत किया जाएगा।

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राम भक्तों की भावनाओं का रखा जाएगा पूरा ध्यान

कृष्ण मोहन ने स्वीकार किया कि हालिया घटनाक्रम से श्रद्धालुओं और राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले ने सभी को दुख पहुंचाया है और ट्रस्ट इस पीड़ा को समझता है। उनका विश्वास है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई और बेहतर प्रबंधन के जरिए श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा मजबूत किया जा सकेगा।

ट्रस्ट की छवि बहाल करने पर रहेगा विशेष जोर

पूर्व आईएफएस अधिकारी ने कहा कि इस विवाद के कारण ट्रस्ट की प्रतिष्ठा पर असर पड़ा है और समाज में कुछ हद तक अविश्वास का माहौल बना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट की साख को फिर से मजबूत करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि व्यवस्था में मौजूद हर कमजोरी को दूर कर भविष्य के लिए अधिक प्रभावी और जवाबदेह प्रणाली विकसित की जाएगी।

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मीडिया से की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की अपील

कृष्ण मोहन ने मीडिया से भी जिम्मेदारी के साथ खबरें प्रसारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले ट्रस्ट के अधिकृत पदाधिकारियों से पुष्टि की जानी चाहिए, ताकि लोगों तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच या प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रस्ट सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक रूप से साझा करेगा।

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