वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन 8 जुलाई को काशी से प्रदेश के शिक्षा जगत को एक ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। योगी सरकार अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ को काशी की पावन धरती से धरातल पर उतारने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी इस योजना का शुभारंभ करेंगे।
इसके साथ ही वाराणसी मंडल के चारों जिलों वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली के हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के परिवारों को गंभीर बीमारियों में इलाज की बड़ी चिंता से मुक्ति मिल जाएगी। काशी से शुरू होने वाली यह पहल पूरे प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का नया अध्याय साबित होगी। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना न केवल शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
वाराणसी मंडल के 4 जिलों को सीधा लाभ
बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक हेमंत राव ने बताया कि वाराणसी मंडल के 7,417 बेसिक विद्यालयों में कार्यरत कुल 66,205 पात्र कर्मचारियों को सीधे तौर पर इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित किया जाएगा। इसमें नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी शामिल कर सरकार ने सबको सामाजिक एवं समान सुरक्षा की गारंटी दी है।
रसोइया से लेकर स्पेशल एजुकेटर तक, सबको सुरक्षा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल नियमित शिक्षक ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को संभालने वाले हर कर्मचारी का ध्यान रखा गया है। मंडल भर के 22,708 रसोइयों, 8,559 शिक्षामित्रों, 1,904 अनुदेशकों, 811 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं व स्टाफ तथा 210 स्पेशल एजुकेटर्स को भी इस योजना का पात्र बनाया गया है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त होने के 












































