रायबरेली : बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में हुए करोड़ों रुपये के लोन फर्जीवाड़े के मामले में शहर कोतवाली पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बुधवार को इस खेल के मुख्य सूत्रधार (एजेंट) समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़े घोटाले में अब तक कुल 12 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मिलीभगत में शामिल कुछ अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे।
गोपनीय जांच में खुला था 9 करोड़ का घोटाला
जानकारी के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा से वर्ष 2024 और 2025 के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे कुल 9 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये का ऋण पास कराया गया था। बैंक के रीजनल कार्यालय द्वारा कराई गई एक गोपनीय जांच में इस महाफर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ था। इसके बाद 29 दिसंबर 2025 को बैंक के मुख्य प्रबंधक मुकेश की तहरीर पर सदर कोतवाली में 48 आवेदकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। तभी से पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में मुख्य एजेंट रामनरेश भारती निवासी परसादी खेड़ा, कृष्णा नगर, लखनऊ, राजेंद्र कुमार व मनोज कुमार गौतम दोनों निवासी मुंशीखेड़ा, आसीवन, उन्नाव, करन सिंह निवासी मौला बाकीपुर, हसनगंज और सूरज सोनी निवासी बाबूगंज मजरे मतरौली, ऊंचाहार शामिल हैं। मामले में बैंक के क्रेडिट ऑफिसर अमित कनौजिया समेत सात आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
ऐसे फंसाते थे जाल में: लोन न चुकाने का देते थे लालच
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एजेंट रामनरेश भारती ग्रामीण व सीधे-साधे लोगों को अपना शिकार बनाता था। वह लोगों को यह झांसा देता था कि वह बैंक से उनके नाम पर लोन पास करवा देगा और उन्हें यह पैसा वापस भी नहीं चुकाना पड़ेगा। इस लालच में आकर लोग अपने जरूरी दस्तावेज उसे सौंप देते थे। इसके बाद आरोपी बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से पीड़ितों के नाम पर मोटी रकम का लोन पास कराकर डकार जाते थे।
एसपी ने बताया कि मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है और फर्जीवाड़े के इस सिंडिकेट से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।











































