रायबरेली: डलमऊ क्षेत्र के मुराई बाग स्थित डाकघर में आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने पहुंच रहे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डाकघर आ रहे लोगों ने कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आधार संशोधन या नए फॉर्म के लिए 30 रुपये की गंगाजल की शीशी खरीदना अनिवार्य किया जा रहा है। गंगाजल न लेने पर फॉर्म देने से साफ इनकार किया जा रहा है।
गंगाजल खरीदने पर ही मिल रहा फॉर्म
डाकघर पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि आधार जैसी जरूरी सरकारी सेवा को किसी उत्पाद की बिक्री से जोड़ना पूरी तरह से गलत है। मुराई बाग के रमेश, मोहद्दीपुर निवासी राजू, सुरेश और कमलाशंकर ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वे घंटों लाइन में खड़े रहे। जब तक उन्होंने 30 रुपये देकर गंगाजल की शीशी नहीं खरीदी, तब तक कर्मचारियों ने उनके आधार में संशोधन की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की। इस अनचाही खरीदारी से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और असहाय ग्रामीणों को हो रही है।
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विभाग का दावा- कोई जबरदस्ती नहीं
मामले को लेकर डाकघर प्रभारी अजय पाल ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों और डिवीजन स्तर से बिक्री के लिए 250 ग्राम गंगाजल की 40 से 50 शीशियां भेजी गई हैं, जिनकी कीमत 30 रुपये है। वे केवल दिए गए निर्देशों का पालन कर रहे हैं और किसी भी ग्रामीण को जबरन गंगाजल खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है।
हालांकि, अधिकारियों के दावों और मौके पर पहुंचे आवेदकों की आपबीती में बड़ा अंतर दिख रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में डाक प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है।
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