वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में BFA प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं और 25 अगस्त को छात्रों के साथ हुई मारपीट के विरोध में छात्र संगठनों का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और कुलपति को दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई तथा जवाब की मांग की।
छात्रों का आरोप है कि 25 अगस्त को BFA प्रवेश परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ वे केंद्रीय कार्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों से विवाद हुआ और छात्रों के साथ कथित तौर पर मारपीट व बदसलूकी की गई। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कुछ छात्रों को जमीन पर गिराकर घसीटा गया। छात्राओं के साथ भी पुरुष सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट का आरोप लगाया गया है। एक छात्रा के हाथ से खून निकलने और कुछ छात्रों के मोबाइल फोन छीने जाने का भी दावा किया गया।
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छात्रों के मुताबिक, घटना के विरोध में 27 अगस्त को कुलपति को ज्ञापन देने का प्रयास किया गया था। कई घंटे इंतजार के बाद ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक उस पर कोई जवाब नहीं मिला। इसी को लेकर बुधवार को छात्र दोबारा केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि उन्हें अधिकारियों से मिलने से रोका जा रहा है।
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प्रदर्शनकारी छात्रों ने BFA प्रवेश परीक्षा-2026 की स्वतंत्र जांच, सभी अभ्यर्थियों के अंक और कटऑफ सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही 25 अगस्त की घटना में कथित रूप से शामिल सुरक्षाकर्मियों और प्रॉक्टोरियल गार्ड्स पर कार्रवाई तथा चीफ प्रॉक्टर की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करने, प्रदर्शनकारियों को नोटिस देकर डराने की कार्रवाई रोकने और परिसर में पुलिस के बढ़ते प्रवेश पर रोक लगाने की भी मांग की है। छात्रों का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



















































