मथुरा जंक्शन पर बड़ा हादसा टला, प्रतीक्षालय में छत से भरभराकर गिरा प्लास्टर, बेंच पर बैठे यात्रियों में मची अफरा-तफरी

मथुरा: उत्तर मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शुमार मथुरा जंक्शन पर बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्टेशन के प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय (वेटिंग हॉल) की छत से अचानक प्लास्टर का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा।

जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय हॉल में दर्जनों यात्री बेंच पर बैठकर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। प्लास्टर गिरने की तेज आवाज से पूरे प्रतीक्षालय में दहशत फैल गई और यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गनीमत रही कि मलबा सीधे किसी यात्री के ऊपर नहीं गिरा, वरना जनहानि तय थी।

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दोपहर में हुआ हादसा, बाल-बाल बचे यात्री-

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना दोपहर करीब 12:30 बजे की है। मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 1 के पास बने सामान्य प्रतीक्षालय में दिल्ली, आगरा और भरतपुर जाने वाले यात्रियों की काफी भीड़ थी। कई यात्री जमीन पर लेटे हुए थे तो कई बेंच पर बैठे थे। अचानक छत का एक हिस्सा दरकने की आवाज आई और देखते ही देखते सीमेंट और प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा नीचे आ गिरा।

गिरा हुआ मलबा ठीक उन बेंचों के पास गिरा जहाँ कुछ देर पहले तक यात्री बैठे थे। हादसे के बाद कुछ देर के लिए पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी पर तैनात रेलवे पुलिस और स्टेशन अधीक्षक को दी।

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रखरखाव पर उठे सवाल-

सूचना मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी और आरपीएफ मौके पर पहुंचे और तत्काल मलबा हटवाया। अधिकारियों ने एहतियातन प्रतीक्षालय के उस हिस्से को रस्सी लगाकर बंद कर दिया है। वहीं घटना के बाद यात्रियों में रेलवे के रखरखाव को लेकर भारी आक्रोश है। यात्रियों का कहना है कि मथुरा जंक्शन से रोजाना हजारों श्रद्धालु और पर्यटक गुजरते हैं, लेकिन भवन की हालत जर्जर होती जा रही है। छतों से सीलन, दीवारों में दरारें साफ दिखाई देती हैं। प्रतीक्षालय जैसी जगहों पर जहाँ हर समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, वहाँ नियमित निरीक्षण और मरम्मत सबसे ज्यादा जरूरी है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में छत में सीलन के कारण प्लास्टर कमजोर होना वजह सामने आई है। पूरे भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

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