Barabanki: आदर्श नगर पंचायत रामनगर के केसरीपुर वार्ड स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर नाबालिग बच्चों से भुट्टा और पॉपकॉर्न बिकवाने का मामला सामने आया है। रेलवे फाटक बंद होने के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसी दौरान करीब चार, पांच और दस वर्ष तक के छोटे बच्चे वाहनों के बीच दौड़कर राहगीरों को भुट्टा, लावा और पॉपकॉर्न बेचते नजर आते हैं। जाम के बीच बच्चों का इस तरह वाहनों के बीच जाना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के मुताबिक रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं और फाटक बंद होने के दौरान स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है। इसके बावजूद छोटे बच्चों को क्रॉसिंग के दोनों तरफ सामान बेचते देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि बच्चों की उम्र ऐसी है, जिसमें उन्हें स्कूल में पढ़ाई करनी चाहिए, लेकिन आर्थिक गतिविधियों में लगाए जाने से उनकी सुरक्षा और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग का मार्ग प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम से भी जुड़ा है। यहां से श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में भीड़ और वाहनों के बीच बच्चों का दौड़कर सामान बेचना अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रहा है।
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स्थानीय निवासी रामानंद, रामसागर, चंद्रोदय अवस्थी आदि ने बताया कि क्रॉसिंग के आसपास अक्सर जाम की स्थिति रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों का वाहनों के बीच घूमकर बिक्री करना बेहद चिंताजनक है। यदि कोई बच्चा वाहन की चपेट में आ गया तो बड़ी घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।लोगों का कहना है कि बाल मजदूरी रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस समस्या पर नहीं पड़ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग से भी मामले का संज्ञान लेकर बच्चों को इस तरह काम करने से रोकने और उनके परिवारों को जागरूक करने की मांग की गई है।

















































