मॉब लिंचिंग मामले पर समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने सोशल मीडिया पर लिखा, गौ-आतंकियों को संघी/ मोदी के आतंकी कहा जाए तो क्या ग़लत होगा?

गौरतलब हो कि विपक्ष के कई नेताओं ने मानसून सत्र में लोकसभा में लिंचिंग का मुद्दा उठाया गया था। जिसपर पीएम मोदी ने जवाब दिया था. मगर कुछ ही घंटो बाद पैदल जा रहे शख्स की भीड़ ने मिलकर हत्या कर दी.
इससे पहले पिछले साल राजस्थान के अलवर में गोरक्षकों ने गाय की तस्करी के शक में अकबर खां नाम के शख्स की पीटपीटकर हत्या कर दी थी.
क्या है मामला?
अलवर ललावंडी गांव में मॉब लिंचिंग में हुई अकबर उर्फ रकबर की मौत के मामले में पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है. मामले की सूचना देने के बाद से छह घंटे तक पुलिस के साथ रहने वाले शख्स नवलकिशोर शर्मा के मुताबिक, पुलिस रात को एक बजे घायल अकबर को रामगढ़ थाने में लेकर आई थी. पुलिस ने रात ढ़ाई से तीन बजे तक आरोपी की थाने में पिटाई की थी और 4 बजे बाद थाने में ही उसकी मौत हुई. इस मामले में अलवर के भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा पहले ही बड़ा बयान दे चुके हैं. आहूजा ने अकबर की मौत पुलिस हिरासत में होने का बयान दिया है.
पुलिस को सबसे पहले घटना की सूचना देने वाले नवलकिशोर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घायल अकबर के इलाज में न केवल ढ़ाई से तीन घंटे की देरी की, बल्कि उसे रामगढ़ थाने ले जाकर उसे मारा पीटा भी. खुद पुलिस ने एफआईआर में शर्मा को घटना की सबसे पहले सूचना देने वाला और मौके पर साथ ले जाना बताया है. शर्मा के इस सनसनीखेज खुलासे से पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है.
बता दें कि 20 जुलाई को राजस्थान के अलवर से एक बार फिर भीड़ पर गो तस्करी के शक में एक आदमी की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगा है. घटना अलवर के रामगढ़ की है. बताया जा रहा है कि एक शख्स पशु लेकर जा रहा था लेकिन उसी वक्त भीड़ ने उसे घेर कर पीटना शुरू कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस की तफ्तीश के मुताबिक, हरियाणा स्थित अपने गांव से दो गायें रामगढ़ के लालवंडी जा रहा था, तभी भीड़ ने उस पर हमला किया था. इससे पहले भी अलवर में ऐसी ही घटना देखने को मिली थी जहां पहलू खान को गोतस्करी के आरोप में भीड़ ने पीट- पीटकर हत्या कर दी थी.न्यूज 18 इंडिया संवाददाता भवानी सिंह के मुताबिक, ये घटना उस इलाके में हुई जहां कथित गोरक्षक सक्रिय हैं.















































