फर्रुखाबाद। जनपद की जिला जेल और केंद्रीय कारागार में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भारी पुलिस बल के साथ अचानक औचक निरीक्षण कर दिया। दोनों अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों की निगरानी, बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और भोजन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान जेल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल की विभिन्न बैरकों में पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया। बैरकों में बंद कैदियों की गतिविधियों, सुरक्षा इंतजामों और प्रतिबंधित वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर गहराई से जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल परिसर में किसी भी कीमत पर मोबाइल, नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री नहीं पहुंचनी चाहिए।
सीसीटीवी और सुरक्षा उपकरणों की परखी कार्यक्षमता
डीएम और एसपी ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली भी जांची। कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने जेल कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से सुरक्षा रजिस्टर और निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली तथा बैरकों की नियमित चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता देख जताया संतोष
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल के रसोईघर का भी निरीक्षण किया। वहां बन रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बंदियों को दिए जा रहे खाने की व्यवस्था को परखा गया। अधिकारियों ने भोजन व्यवस्था पर संतोष जताते हुए निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार ही पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए।
बंदियों से सीधे संवाद, समस्याएं सुनीं
डीएम और एसपी ने कई बैरकों में जाकर बंदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने बंदियों से जेल में मिलने वाली सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कुछ बंदियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए।
“सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त”
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जेल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ कार्य करने की हिदायत दी।
औचक निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक समेत प्रशासनिक और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और बंदियों में देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।












































