फर्रुखाबाद। जनपद के पांचाल घाट क्षेत्र में नकली कीटनाशक दवाओं के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब 25 लाख रुपये मूल्य की नकली कीटनाशक दवा बरामद की है। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बरामद माल को सरकारी गोदाम में सुरक्षित रखवा दिया गया है, जबकि संबंधित एजेंसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मामला तब सामने आया जब कन्नौज के एक कीटनाशक विक्रेता के नाम पर यूपीएल कंपनी के ‘इलेक्ट्रॉन इंसेक्टीसाइड प्लस फंगीसाइड’ का लगभग 25 लाख रुपये का बिल जारी कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि संबंधित विक्रेता ने ऐसा कोई ऑर्डर ही नहीं दिया था। कंपनी की ओर से संपर्क किए जाने पर उसे पूरे मामले की जानकारी हुई, जिसके बाद उसने तत्काल कन्नौज के जिला कृषि अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद कन्नौज के जिला कृषि अधिकारी ने फर्रुखाबाद प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें जिला कृषि रक्षा अधिकारी सतीश कुमार, नायब तहसीलदार हर्षित, कंपनी प्रतिनिधि और पांचाल घाट चौकी पुलिस शामिल रही।
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संयुक्त टीम ने पांचाल घाट स्थित लालू मार्केट के पास एक मकान परिसर में छापा मारा, जहां पेड़ के नीचे तिरपाल से ढके 252 गत्ते बरामद किए गए। जांच में पाया गया कि गत्तों में रखी गई कीटनाशक दवा पूरी तरह नकली थी। बताया जा रहा है कि यह माल क्षेत्र की दुकानों में सप्लाई किए जाने की तैयारी में था।
अधिकारियों के मुताबिक, बरामद गत्तों में एक-एक लीटर के 2,520 डिब्बे मिले हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह नकली माल दूसरे राज्य से मंगाया गया था।
छापेमारी के दौरान संबंधित किसान एजेंसी का संचालक मौके से फरार मिला। प्रशासन ने जब्त माल को सरकारी गोदाम में भिजवा दिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डीएम की अनुमति के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













































