UP: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के साउथ मलाका क्षेत्र में बुधवार को एक ही परिवार से जुड़े चार लोगों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बदबू आने की शिकायत पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक मकान से तीन शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी और उनकी बेटी के रूप में हुई है। वहीं परिवार से जुड़े एक अन्य व्यक्ति का शव उनकी दुकान से मिला।
घर और दुकान के बाहर लटके मिले ताले
स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से घर और दुकान बंद थे। दोनों स्थानों से दुर्गंध आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पुलिस को दुकान के अंदर एक अत्यधिक सड़ा-गला शव मिला, जिसके वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक होने की आशंका जताई जा रही है। शव की पहचान और मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
दीवार पर लिखे संदेश ने बढ़ाया रहस्य
मामले की जांच कर रही पुलिस को घटनास्थल पर कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिन्होंने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एक दीवार और एक बोर्ड पर ‘बंटी-बबली और बहू ने मारा’ लिखा हुआ मिला है। इस संदेश के पीछे की सच्चाई और इसके संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है।
परिवार और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच
एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि मृतक का छोटा बेटा अश्विनी वैश्य वर्तमान में कौशांबी जेल में बंद है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक संबंधों की भी जांच कर रही है। साथ ही अश्विनी की पत्नी और परिवार के अन्य करीबी लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र वैश्य के दोनों बेटों अभिषेक और अश्विनी के बीच संबंध सामान्य नहीं थे और उनके बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। पुलिस का कहना है कि घर में मिले तीन लोगों की हत्या सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर की गई प्रतीत होती है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हुई हैं।














































