लोकसभा चुनाव: मोदी को हराने साथ-साथ आएंगे राहुल-केजरीवाल, इस सीट शेयरिंग फार्मूले पर बनी सहमति

लोकसभा चुनाव को लेकर दिल्ली की सियासत उत्तर प्रदेश की राह पर चलती दिखाई दे रही है. यूपी की तरह ही नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक साथ आ रहे हैं. गठबंधन लगभग तय हो चूका है. सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीन-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं एक सीट अन्य के लिए छोड़ी जाएगी. दिल्ली में लोकसभा की सात सीटें हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सातों सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी.


राहुल गांधी ने दिल्ली कांग्रेस की बड़ी बैठक बुलाई

बता दें कि जिस कांग्रेस विरोध की सीढ़ी पर चढ़कर सीएम केजरीवाल ने राजनीतिक जमीन तैयार की उसी जमीन पर उन्होंने कांग्रेस को साथ ले लिया है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले केजरीवाल ने खुलकर बयान दिया था कि कांग्रेस को कह-कहकर थक गए गठबंधन के लिए लेकिन कांग्रेस ने बातचीत नहीं की. गठबंधन को लेकर आधिकारिक घोषणा से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली कांग्रेस की बड़ी बैठक बुलाई है.


सातवीं सीट पर शत्रुघन सिन्हा बन सकते हैं उम्मीदवार

बड़ी बात यह है कि कांग्रेस से जब गठबंधन की बात नहीं बनी थी तब आप ने अकेले दिल्ली की छह सीटों पर उम्मीदवारों के टिकट घोषित कर दिए थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ दोपहर 12.30 आप की भी प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है. कहा ये भी जा रहा है कि सातवीं सीट पर शत्रुघन सिन्हा दोनों के साझा उम्मीदवार हो सकते हैं.


आप पहले ज़्यादा सीटों की मांग को बातचीत अड़ी थी और कांग्रेस उसके लिए तैयार नहीं थी. साथ ही कांग्रेस दिल्ली के नेता भी इसके पक्ष में नहीं थे और इस वजह से बातचीत बीच में बंद भी हो गई थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों के दौरान ये हो बातचीत फिर से शुरू हुई है.


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