देवरिया। आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सख्ती दिखाई है। फीडबैक में त्रुटिपूर्ण निस्तारण पाए जाने पर पांच अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अब भी प्रकरणों का वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने ली सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान कई प्रकरणों में गंभीर लापरवाही पाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित प्रावधानों, तथ्यों और गुणवत्ता के आधार पर ही किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन पांच अधिकारियों को जारी हुई चेतावनी
1. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी – ग्राम जोगम निवासी सुधा विश्वकर्मा द्वारा बिना मान्यता के विद्यालय संचालन की शिकायत में त्रुटिपूर्ण निस्तारण पाए जाने पर चेतावनी दी गई।
2. बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी – ग्राम चिलवन मोहन निवासी असर्फी देवी की आराजी संख्या-41 पर अवैध निर्माण की शिकायत में प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई न करने पर चेताया गया।
3. तहसीलदार, सलेमपुर – इंदिरा नगर निवासी दिलीप कुशवाहा की भूमिधरी भूमि पर अवैध कब्जा रोकने की शिकायत में त्रुटिपूर्ण निस्तारण पर चेतावनी।
4. सहायक विकास अधिकारी, भागलपुर – विकास खंड भागलपुर के जय मिश्रा और रमन कुशवाहा द्वारा दर्ज साफ-सफाई संबंधी शिकायत में गड़बड़ी पाए जाने पर चेतावनी।
5. सहायक विकास अधिकारी, भाटपाररानी – ग्राम सरया निवासी अंकित प्रजापति के मामले में त्रुटिपूर्ण आख्या देने पर चेतावनी दी गई।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस के तहत आने वाली हर शिकायत का निस्तारण वास्तविक तथ्यों, स्थल रिपोर्ट और कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही किया जाए। आख्या पूरी तरह सत्य, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “शिकायतकर्ता को सही राहत मिलनी चाहिए। अगर निस्तारण में लापरवाही पाई गई तो दोषी अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
यह कार्रवाई देवरिया प्रशासन द्वारा आम जनता की शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आईजीआरएस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।जिलाधिकारी के इस सख्त रवैये से विभिन्न विभागों के अधिकारियों में कार्यशैली सुधारने को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
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