कटे होंठ और तालु (Cleft Lip & Palate): समय पर इलाज से बच्चों की मुस्कान, बोलने की क्षमता और आत्मविश्वास लौट सकता है

Gorakhpur : क्लेफ्ट लिप (कटा हुआ होंठ) बच्चों में जन्मजात चेहरे की सबसे आम विकृतियों में से एक है। गर्भावस्था के दौरान ऊपरी होंठ बनाने वाले ऊतकों के पूर्ण रूप से जुड़ने में विफलता के कारण यह समस्या होती है। समय पर सर्जरी से न सिर्फ चेहरे की बनावट सामान्य हो जाती है, बल्कि बच्चे की बोलने की क्षमता, खान-पान और आत्मविश्वास भी पूरी तरह बहाल हो सकता है।

क्लेफ्ट लिप क्या है?

क्लेफ्ट लिप तब होता है जब गर्भ में ऊपरी होंठ बनने वाले ऊतक पूरी तरह जुड़ नहीं पाते। यह एक तरफ (यूनिलेटरल) या दोनों तरफ (बाइलेटरल) हो सकता है। कभी-कभी यह केवल होंठ तक सीमित रहता है, लेकिन अक्सर यह क्लेफ्ट पेलेट (कटी तालु) के साथ भी होता है, जिसमें मुंह की छत में छेद रह जाता है।

कटे होंठ की सर्जरी कब करानी चाहिए?

समय पर सर्जरी बेहद जरूरी है। आमतौर पर 3 से 6 महीने की उम्र में क्लेफ्ट लिप की मरम्मत की जाती है, बशर्ते बच्चा स्वस्थ हो।
क्लेफ्ट पेलेट की सर्जरी थोड़ी देर से, आमतौर पर 9 से 18 महीने की उम्र में की जाती है।

समय पर ऑपरेशन करने से बच्चे को सामान्य तरीके से दूध पिलाया जा सकता है, चेहरे की बनावट सुधरती है और सामाजिक-मानसिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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सर्जरी के बाद रिकवरी कितने समय में होती है?

क्लेफ्ट लिप सर्जरी के बाद ज्यादातर बच्चे कुछ दिनों में घर जा सकते हैं। घाव 1-2 सप्ताह में भर जाता है, जबकि निशान (स्कार) के पूर्ण रूप से परिपक्व होने में कई महीने लग सकते हैं। नियमित फॉलो-अप जरूरी है ताकि चेहरे का विकास सही ढंग से हो सके।

समय पर इलाज क्यों आवश्यक है?

अनुपचारित क्लेफ्ट पेलेट के कारण बच्चे को निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
– खाने-पीने में दिक्कत
– बार-बार कान में संक्रमण
– सुनने की समस्या
– स्पष्ट बोलने में कठिनाई

तालु की सही मरम्मत से बोलने की क्षमता काफी हद तक सामान्य हो जाती है। कई मामलों में स्पीच थेरेपी की भी जरूरत पड़ सकती है।

क्या बाद में और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है?

शैशवकाल में की गई प्राथमिक सर्जरी ज्यादातर मरीजों में अच्छे परिणाम देती है। लेकिन चेहरे के बढ़ने के साथ कुछ मरीजों में होंठ, नाक या निशान की बची हुई विकृति दिख सकती है। ऐसे में रीविजन सर्जरी (दूसरी सर्जरी) से रूप और कार्यक्षमता दोनों में सुधार किया जा सकता है।

AIIMS में 21 वर्षीय युवती की सफल रीविजन सर्जरी

हाल ही में AIIMS के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने एक 21 वर्षीय महिला मरीज की क्लेफ्ट लिप रीविजन सर्जरी सफलतापूर्वक की। मरीज का बचपन में 2.5 वर्ष की उम्र में ऑपरेशन हुआ था, लेकिन प्राथमिक सर्जरी अपर्याप्त रहने के कारण वयस्क अवस्था में विकृति बढ़ गई थी।

सफल सर्जरी के बाद होंठ की समरूपता बहाल हो गई है। मरीज दो दिन बाद स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दी गई। यह मामला दर्शाता है कि बचपन की अपर्याप्त मरम्मत को भी आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी से काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

माता-पिता के लिए संदेश

क्लेफ्ट लिप और क्लेफ्ट पेलेट पूरी तरह इलाज योग्य स्थितियां हैं। समय पर निदान, उचित उम्र में सर्जरी, नियमित फॉलो-अप और मल्टीडिसिप्लिनरी देखभाल से प्रभावित बच्चे स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

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