’20 मिनट की बारिश में नाले उफने, सड़कों पर फैला गंदा पानी…’, इटावा में पहली बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल

इटावा: मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। करीब 20 मिनट तक हुई बारिश के बाद शहर के लुधपुरा-जसवंतनगर-छिमारा मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। छिमारा मार्ग स्थित मुख्य नाला कचरे और सिल्ट से पूरी तरह जाम होने के कारण ओवरफ्लो हो गया, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल गया और आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ।

बारिश के दौरान नालियों का पानी सड़क पर आने से कई दुकानों के बाहर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर गंदा पानी दुकानों तक पहुंचने से व्यापारियों में चिंता बढ़ गई। वहीं, सड़क पर जलभराव होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल गुजरने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Also Read: बलिया: सोनम वांगचुक के समर्थन में गूंजा नगर, छात्रों ने किया सत्याग्रह; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालों और नालियों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं देता। उनका आरोप है कि यदि समय पर प्रभावी सफाई अभियान चलाया गया होता तो पहली ही बारिश में शहर को इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सफाई व्यवस्था पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद मुख्य नालों में कचरा जमा रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि नियमित निगरानी और समयबद्ध सफाई की व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में यही हालात दोहराए जाते हैं।

Also Read: UP: इंस्टाग्राम पर गैंगस्टर बनकर नाबालिग से मांगी 6.27 लाख की रंगदारी, आरोपी गिरफ्तार

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जाम नालों की सफाई कराने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान लागू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)