UP में पौष्टिक आहार के लिए पुलिसकर्मियों को रोजाना मिलते हैं 65 रुपए, सिपाही बोले- इतने में तो दाल-रोटी और सब्जी भी नहीं खाई जा सकती

 

 

हाल ही में फिरोजाबाद के एक सिपाही ने खाने की क्वालिटी को लेकर सवाल उठाए थे। सिपाही ने फूट फूट कर रोते हुए बताया था कि किस खराब क्वॉलिटी का खाना उन्हें खाने को दिया जाता है। बड़ी बात ये है कि एक पुलिसकर्मी को मैस में पौष्टिक आहार ग्रहण करने के एवज में मात्र 65 रुपये भत्ता मिलता है। पूरे महीने की बात करें, तो 18 सौ 75 रुपये मिलता है, जिसे पुलिसकर्मी कम बताते हैं। आज की महंगाई में एक दिन 65 रुपए में पूरे दिन के लिए पेट भरना काफी मुश्किल नहीं बल्कि नामुमकिन है।

कैसे हो इतने में गुजारा ?

जानकारी के मुताबिक, पुलिस कर्मियों को सरकार खाने का बजट उपलब्ध नहीं कराती। इसके स्थान पर पौष्टिक आहार भत्ता उपलब्ध कराती है। यह भत्ता पुलिस कर्मियों के वेतन में शामिल कर दिया जाता है। कुछ पुलिस कर्मियों ने बताया कि तीन महीने पहले तक उन्हें यह भत्ता करीब 15 सौ रुपये मिलता था, करीब 3 महीने पहले इसमें 3 सौ 85 रुपये बढ़ाया गया। जिसको पुलिस कर्मियों ने कम बताया है। पौष्टिक आहार भत्ता के हिसाब से सरकार एक टाइम के आहार के लिए 31 रुपये देती है। महंगाई के जमाने में ये रुपये बहुत कम है। इतने रुपये में तो ठीक तरह दाल-रोटी और सब्जी भी नहीं खाई जा सकती।

खुद से खरीदना पड़ता है राशन

फिरोजाबाद जिले के प्रतिसार निरीक्षक देवेंद्र सिकरवार ने बताया, “पुलिस लाइंस में चलने वाले मेस के लिए किसी कोटे से खाद्य सामग्री नहीं मिलती है। बाजार से राशन खरीदा जाता है। पुलिस कर्मियों को सरकार पौष्टिक आहार भत्ता देती है। 3 महीने पहले भत्ते में वृद्धि की गई थी। मेस में रोज 60 से अधिक पुलिस कर्मियों का मेन्यू के अनुसार खाना बनाया जाता है।

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