Mathura: शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने आज नगर निगम सभागार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सभी जोनल स्वास्थ्य अधिकारी और शहर के सभी सफाई निरीक्षक मौजूद रहे। बैठक में नगर आयुक्त ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर सफाई दिखनी चाहिए। सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह 6 बजे से ही अपने-अपने क्षेत्र में फील्ड में उतरेंगे और सफाई कर्मियों की उपस्थिति, नालों की सफाई और कूड़ा उठान का स्वयं निरीक्षण करेंगे।
जानिए क्या है पूरा मामला?
नगर आयुक्त ने शहर के सभी GVP प्वाइंट यानी जहां कूड़ा फेंका जाता है और सभी डलाव घरों को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब हर सफाई निरीक्षक को अपने क्षेत्र के GVP की सफाई सुबह 9 बजे तक हर हाल में करानी होगी और सफाई के बाद उसी स्थान की GPS लोकेशन वाली फोटो डिजिटल फॉर्म पर अपलोड करनी होगी। इस काम के लिए नगर निगम ने एक विशेष डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। इस सिस्टम से रोजाना ऑटोमेटिक रिपोर्ट बनेगी, जिससे नगर आयुक्त खुद देख सकेंगे कि किस जोन में कितने GVP साफ हुए, कितने रह गए और कौन सा निरीक्षक लापरवाही कर रहा है। इससे सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
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नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि जो लोग सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकते हैं, सड़क पर गंदगी करते हैं या दुकान का कचरा नाली में डालते हैं, उन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है। बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि यदि फील्ड में संसाधन, गाड़ी या कर्मचारियों की कोई कमी है तो उसे तुरंत बताएं, ताकि उसका समाधान किया जा सके। नगर निगम का लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में मथुरा-वृंदावन की सफाई व्यवस्था प्रदेश में एक मॉडल बने।















































