उत्तर प्रदेश का बलिया जनपद इस समय भीषण जाम की चपेट में हैं। शहर की सड़के किसी बड़े महानगर की तरह जाम हो गई है। एक तरफ जहां ईंधन की कीमतों और किल्लत ने वाहन चालकों की जेब ढीली कर रखी है तो वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर लगा घण्टों जाम लोगों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है।
शहर का सबसे व्यस्ततम चित्तू पांडेय चौराहा इस वक्त जाम का केंद्र बना हुआ है। आलम यह है कि जिला न्यायालय से लेकर चित्तू पांडेय चौराहे तक आने वाली सड़क, रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाला मार्ग और राजधानी रोड पर वाहनों की लंबी कतारे लगी हुई है। सड़क पर गाड़ियां रेंगने को मजबूर है जिससे राहगीर और आम जनता भारी परेशान है।
घण्टो से फंसे इस जाम को खुलवाने के लिए तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान भी इस भीषण गर्मी में पसीना बहाते दिखे। कड़ी मशक्कत के बावजूद वाहनों का रेला इतना अधिक है की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गाड़ियों की लंबी कतारों के बीच एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों का भी बुरा हाल दिखा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बलिया शहर की सड़कों पर जाम लगना अब एक सामान्य बात हो गई है लेकिन प्रशासन इस ओर पूरी तरह से मुख दर्शक बना हुआ है। शहर के यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस योजना धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है। शहरवासी अब सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस जाम से उन्हें मुक्ति कब मिलेगी। ईंधन की महंगी कीमतों और किल्लत के बीच सड़कों पर घण्टो खड़े रहकर अपना कीमती समय और तेल बर्बाद करने को मजबूर बलिया की जनता प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रही है।
Also Read : चूल्हे की ‘चिंगारी’ बनी काल, छप्पर में सो रहे 3 साल के मासूम की जिंदा जलकर मौत











































