नवजात शिशु जीवन रक्षा के लिए राष्ट्रीय पहल : उत्तर प्रदेश में मनाया गया NRP दिवस

गोरखपुर, 10 मई 2026 : नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (NNF) इंडिया द्वारा 10 मई को पूरे भारत में NRP दिवस मनाया गया। यह देश के सबसे बड़े समन्वित प्रशिक्षण अभियानों में से एक है, जिसके अंतर्गत बड़े स्तर पर कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यह ऐतिहासिक पहल NNF इंडिया के अध्यक्ष डॉ. लल्लन कुमार भारती के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के समय समय पर एवं प्रभावी पुनर्जीवन सहायता प्राप्त हो सके।
भारत में नवजात मृत्यु आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इन मौतों का एक प्रमुख कारण जन्म के समय शिशु का सांस प्रारंभ न कर पाना है। जन्म के बाद के शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा समय पर सहायता प्रदान कर इन रोकी जा सकने वाली मौतों को टाला जा सकता है। नवजात शिशुओं को जन्म के समय सांस दिलाने की सरल एवं वैज्ञानिक तकनीकें जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इसी महत्वपूर्ण आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए NNF इंडिया ने इस व्यापक प्रशिक्षण पहल की योजना बनाई तथा इसे पूरे देश में लागू किया। देशभर में कुल 998 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें लगभग 20,000 स्वास्थ्यकर्मी भाग ले रहे हैं। यह अभियान महानगरों के साथ-साथ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी यह कार्यक्रम अनेक केंद्रों पर आयोजित किया गया, जिससे राज्य में नवजात देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

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कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ( Exclusive director & CEO), डॉ अजय भारती (Medical Superintendent) और डॉ महिमा मित्तल (Dean Academic) निदेशक, एम्स गोरखपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए नवजात जीवन रक्षा में प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। उनके करकमलों द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन होने से कार्यक्रम की गरिमा एवं महत्व और अधिक बढ़ गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एम्स गोरखपुर के बाल रोग विभाग, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग तथा शल्योपरांत विभाग से डॉक्टरों एवं नर्सिंग ऑफिसर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

स्थानीय प्रशिक्षण विवरण
● स्थान: एम्स गोरखपुर
● कोर्स समन्वयक:
o डॉ. महिमा मित्तल
o डॉ. कृति मोहन
o डॉ. मनीष कुमार
o डॉ. अंचल भारद्वाज
o डॉ. ममता गुप्ता
● प्रशिक्षित प्रतिभागियों की संख्या: 31
यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क आयोजित किया गया, जिसमें सरकारी एवं निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। यह समावेशी प्रयास नवजात देखभाल सेवाओं को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NNF इंडिया ने इस संपूर्ण कार्यक्रम की योजना, समन्वय, मानकीकरण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे सभी केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण सुनिश्चित हो सका।

यह राष्ट्रव्यापी पहल एक ही दिन में सबसे अधिक नवजात पुनर्जीवन/श्वास सहायता प्रशिक्षण आयोजित करने के रिकॉर्ड की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रयास है।

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