लखनऊ। समाजवादी पार्टी के विक्रमादित्य मार्ग स्थित मुख्यालय के बाहर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है, जिसमें भाजपा सरकार पर राजभर समाज की उपेक्षा और उनके सदस्यों की हत्याओं को रोकने में नाकामी का आरोप लगाया गया है।
समाजवादी युवजनसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज राजभर द्वारा लगाए गए इस पोस्टर ने स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा मचा दी है।
पोस्टर में क्या लिखा है?
पोस्टर का शीर्षक है —
“भाजपा सरकार में 2024 से 2026 के बीच राजभर समाज के लोगों की हत्याएं”
पोस्टर में विभिन्न जिलों में राजभर समाज के लोगों की हत्याओं के आंकड़े दिए गए हैं:
– वाराणसी — 6 हत्याएं
– बलिया — 3 हत्याएं
– गाजीपुर — 3 हत्याएं
– मऊ — 3 हत्याएं
– जौनपुर — 2 हत्याएं
– वाराणसी (अतिरिक्त), कुशीनगर, संतकबीर नगर आदि में भी अलग-अलग हत्याओं का जिक्र।
प्रत्येक हत्या के नाम और वर्ष (2024, 2025, 2026) के साथ सूचीबद्ध किए गए हैं। पोस्टर पर लाल रंग के खून से सने हाथों के निशान भी छापे गए हैं, जो घटनाओं की गंभीरता को दर्शाते हैं।
पंकज राजभर का बयान
पंकज राजभर ने पोस्टर लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में राजभर समाज लगातार निशाने पर है, लेकिन सरकार इन घटनाओं पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है। उन्होंने मांग की है कि इन सभी हत्याओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यह पोस्टर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की राजभर समाज को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजभर समाज यूपी की पूर्वांचल राजनीति में काफी प्रभावशाली है और ओमप्रकाश राजभर के साथ उसके रिश्ते भी समय-समय पर चर्चा में रहते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा की ओर से अभी तक इस पोस्टर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सपा मुख्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पोस्टर को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।
यह घटना यूपी में जातीय समीकरणों और पोस्टर वॉर की नई कड़ी के रूप में देखी जा रही है।













































