UP:अमेठी मे बरसात के साथ जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ी हैं। इस साल सांप काटने से जान गंवाने वाले 6 लोगों के परिवारों को प्रशासन ने 72 घंटे के भीतर 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखा है। सीएमओ और डीएम ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तुरंत अस्पताल पहुंचें जिससे कि समय रहते इलाज संभव हो सके।
बरसात में बिलों में पानी भरने से सांप रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। इसी वजह से जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश से मौत होने पर पोस्टमार्टम और जरूरी कागजात पूरे करने पर राज्य सरकार 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है।
इस साल अब तक सर्पदंश से मृत 6 लोगों के परिजनों को कुल 24 लाख रुपये की मदद दी जा चुकी है। सभी को 48 से 72 घंटे के भीतर राशि उनके खाते में मिली। शुकुल बाजार की निशा के पति ने बताया कि 14 जून को पत्नी की मौत के 48 घंटे के अंदर 4 लाख रुपये मिल गए। मुसाफिरखाना के दिलीप को बेटे शिव मौर्य की मौत के 72 घंटे में सहायता मिली।
तिलोई की जमुना को भी बेटी प्रियांशी की मौत के बाद राजस्व टीम ने गांव पहुंचकर औपचारिकताएं पूरी कराकर राशि दिलाई।जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि सहायता के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट जरूरी है। कई परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराते, जिससे उन्हें मदद नहीं मिल पाती। इसलिए घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है।
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सीएमओ डॉ.बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में 100 वायल, हर सीएचसी पर 50 और पीएचसी पर 20 वायल एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक है। जनवरी से अब तक जिला अस्पताल में सर्पदंश के 27 मरीज आए। 5 गंभीर मरीजों को रेफर किया गया, बाकी सभी ठीक होकर घर गए। जिला अस्पताल में किसी की मौत नहीं हुई।
जगदीशपुर में दो महिलाओं सुशीला और ज्ञानश्री को सांप ने काटा। दोनों ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं और इलाज चल रहा है। सीएमओ ने कहा – घबराएं नहीं, घाव पर चीरा न लगाएं, झाड़-फूंक में समय न गंवाएं। जूते पहनें, टॉर्च रखें और तुरंत सरकारी अस्पताल जाएं, जहां इलाज निशुल्क है।















































