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राज्यसभा चुनाव: तो क्या BSP के लिए BJP ने एक सीट पर नहीं उतारा उम्मीदवार ?, कांग्रेस बोली- छुपन-छुपाई गठबंधन का ऐलान

BJP

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (Rajyasabha Election) के लिए भारतीय जानता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों को ऐलान कर दिया है, इस दौरान बीजेपी ने 8 सीटों पर ही नामों का ऐलान किया वहीं एक सीट वहीं एक सीट खाली छोड़कर पार्टी ने सबको चौंका दिया है. बता दें कि 8 सीट पर तो बीजेपी की जीत तय ही मानी जा रही है, 9वीं सीट पर जीत अतिरिक्त समर्थन जुटाकर बीजेपी जीत सकती है. इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने बीएसपी (BSP) के उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए अपनी एक सीट खाली छोड़ी है.


यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा गया, “भाजपा की हालत पतली है. बसपा उपचुनावों में भाजपा को वोट ट्रांसफर करे इसके लिए बसपा-भाजपा के छुपन-छुपाई गठबंधन का ऐलान हुआ”.


कांग्रेस का निशाना

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 9 नवंबर को चुनाव होना है. बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने यूपी में 8 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की. इसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी बृजलाल, नीरज शेखर, हरिद्वार दुबे, गीता शाक्य, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया गया.


उधर, बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार रामजी गौतम ने सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल किया है. रामजी गौतम के नामांकन के साथ ही अब राज्यसभा की खाली सीटों के लिए मतदान होना तय हो गया है. फिलहाल बसपा के पास केवल 18 विधायक है जिसमे पहले से ही अनिल सिंह बगावती हो चुके है और मुख्तार अंसारी वोट डालने की स्तिथि में नही हैं. कांग्रेस और सुहेलेदेव भारतीय समाज पार्टी जैसे दल मिलकर चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में अब तोड़ फोड़ की गुंजाइश दिखाई पड़ रही है.


जानें राज्यसभा का गणित

मौजूदा गणित के हिसाब से 10 सीटों में से भाजपा की 8 पर और सपा की एक पर जीत तय है. सपा के अतिरिक्त वोट, कांग्रेस व अन्य छोटे दल व निर्दलीय मिल कर बसपा प्रत्याशी को ताकत दे सकते हैं. साथ ही भाजपा के वोटरों पर भी विपक्ष की नजर रहेगी. भाजपा के लिए क्रास वोटिंग के खतरे से अपने विधायकों को दूर रखना एक बड़ी चुनौती है. पर ऐसा खतरा विपक्षी दलों पर भी है. बहुत कुछ प्रत्याशियों के अपनी मेहनत पर भी निर्भर करेगा. हालांकि पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा की किलेबंदी के चलते विपक्षी एकता का कोई असर नहीं हुआ.


क्या है राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला

प्रत्येक सदस्य को राज्यसभा पहुंचने के लिए कितने विधायकों का समर्थन प्राप्त होना चाहिए इसके लिए कुल विधायकों की संख्या को जितने सदस्य चुने जाने हैं उसमें एक जोड़कर विभाजित किया जाता है. इस बार यूपी से 10 राज्यसभा सदस्यों का चयन होना है. इसमें 1 जोड़ने से यह संख्या 11 होती है. अब कुल सदस्य 394 हैं. एक जोड़ने पर ये संख्या 395 हो जाएगी. 11 से विभाजित करने पर 35.90 आता है. इसमें फिर एक जोड़ने पर यह संख्या 36.90 हो जाती है. यानी उत्तरप्रदेश से राज्यसभा सांसद बनने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को प्राथमिक 36 वोटों की जरूरत होगी.


8 सीटों पर बीजेपी की जीत पक्की

ऐसे में बीजेपी यूपी विधानसभा में अपनी मौजूदा ताकत के आधार पर आठ लोगों को राज्यसभा भेज सकती है. बीजेपी के पास अपने 304 विधायक हैं. ऐसे में इस संख्याबल के दम पर भाजपा 10 में से 8 सदस्यों को चुनकर उच्च सदन में आसानी से भेज सकती है. अगर पार्टी ने 9वां उम्मीदवार उतारा तो उसके लिए मात्र 16 वोट बचेंगे. बीजेपी के सहयोगी अपना दल के पास 9 विधायक हैं और अतिरिक्त समर्थन मिल गया तो यह संख्या 9 राज्ययसभा सदस्यों के जीताने तक पहुंच सकती है.


Also Read: राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने 9 उम्मीदारों के नाम किए घोषित, माया सरकार में DGP रहे बृजलाल को मिला टिकट


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