उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से धर्म परिवर्तन के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। लखनऊ, सहारनपुर, फतेहपुर और अब वाराणसी (Varanasi) के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अमौली गांव निवासी युवक अमित मौर्य (Amit Maurya) के धर्मांतरण मामले की जांच को लेकर पुलिस की टीमें एक्टिव हो गई हैं। शासन स्तर से भी इस मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। एटीएस मामले की जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार, एमबीए पास युवक शहर स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। चौबेपुर थाने की पुलिस ने परिजनों और ग्राम प्रधान पति से बातचीत कर अन्य जानकारियां हासिल की हैं। हालांकि, युवक ने पूछताछ के दौरान बताया है कि उसने सिर्फ उमरा के लिए धर्मांतरण कराया था, लेकिन अपना नाम नहीं बदला है। नौकरी और अन्य जगहों पर उसका यही नाम चल रहा है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धर्मांतरण मामले की जांच एटीएस को सौंपी गई है। अमौली गांव निवासी अमित कुमार वर्मा ने दो साल पूर्व मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह के बाद उमरा जाने के लिए अपना धर्मांतरण कराया था। धर्मांतरण फार्म अचानक से वायरल हुआ तो यह भेद खुला और परिजनों को भी इस बारे में जानकारी मिली। इसके पहले परिजन अब तक बेटे को अविवाहित बता रहे थे। वहीं अमित कुमार मौर्य पत्नी और नौ माह के बच्चे के साथ शहर स्थित किराये के मकान में रहता है। कभी-कभी वह गांव जाता है।
वहीं, एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर धर्मांतरण मामले में अमौली गांव निवासी अमित कुमार मौर्य का फार्म वायरल हुआ। इसके बाद चौबेपुर पुलिस अमौली गांव में परिजनों से पूछताछ की तो परिजनों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। शाम तक अमित से पूछताछ हुई तो अमित ने बताया कि मुस्लिम युवती से प्रेम करता था और उससे शादी की। दोनों का नौ माह का एक बच्चा भी है।
युवक के अनुसार पत्नी ने इच्छा जताई कि उमरा करने जाना है। इसके बाद बगैर किसी जोर जबरदस्ती और दबाव में आकर दो साल पहले 15 फरवरी 2020 को इस्लाम धर्म अपनाकर दस्तावेज बनवाया। हालांकि कोविड के चलते उमरा भी नहीं किया जा सका। अमित कुमार ने बताया कि एमबीए करने के बाद वर्तमान में जिस चिकित्सालय में नौकरी कर रहा है और अन्य जगहों पर हिंदू नाम का ही प्रयोग किया जाता है।
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