UP: जौनपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ अभियान के तहत स्कूल वाहनों की जांच तेज कर दी है। 14 से 19 सितंबर 2026 तक चल रहे इस विशेष अभियान में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्कूली वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। अभियान का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित कर बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना है।
दस्तावेज और जरूरी मानकों की हो रही जांच
अभियान के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) जौनपुर सत्येंद्र कुमार सिंह और यात्री/मालकर अधिकारी प्रमोद कुमार ने विभिन्न स्थानों पर स्कूली वाहनों को रोककर जांच की। अधिकारियों ने वाहनों के फिटनेस, परमिट समेत अन्य जरूरी कागजातों की स्थिति देखी। साथ ही यह भी जांचा गया कि वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
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35 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, 6 वाहन सीज
जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले और आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं रखने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के अनुसार अब तक 35 स्कूली वाहनों के चालान किए जा चुके हैं, जबकि नियमों के अनुपालन में कमी पाए जाने पर 6 वाहनों को सीज किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से स्कूल वाहन संचालकों में भी हड़कंप है।
स्कूल प्रबंधन से दस्तावेज दुरुस्त कराने की अपील
एआरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र कुमार सिंह ने जिले के सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से स्कूलों में संचालित वाहनों के दस्तावेज तत्काल अपडेट कराने को कहा है। उन्होंने विशेष रूप से फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य आवश्यक कागजात नियमानुसार दुरुस्त रखने की अपील की, ताकि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों में किसी तरह की लापरवाही न हो।
अभिभावक भी रखें सुरक्षा मानकों पर नजर
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दें। वाहन में जरूरी सुरक्षा मानकों और वैध दस्तावेजों की जानकारी रखना जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालक और अभिभावक मिलकर नियमों का पालन सुनिश्चित करें, जिससे स्कूली बच्चों की यात्रा सुरक्षित बनाई जा सके।















































