गोरखपुर, 15 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों का दो स्थानों (जीरो पॉइंट जंगल छत्रधारी और बिछिया एसटीपी) पर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अब तक हुए कार्यों पर संतोष जताते हुए शेष बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद बिछिया एसटीपी के पास उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यह परियोजना 15 जून तक पूर्ण हो जाएगी और उसके बाद एक भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा।
प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 495 करोड़ रुपये की लागत वाले गोड़धोइया नाला परियोजना (पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट की परियोजना) के कार्यों का जायजा लेने सबसे पहले इसके जीरो पॉइंट जंगल छत्रधारी पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्य, पक्के नाले में जल प्रवाह को देखने के साथ ही परियोजना के ड्राइंग मैप व मॉडल का अवलोकन किया। कार्यदायी संस्था जल निगम (शहरी) के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना की अब तक की कुल भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 9.25 किमी की लंबाई में नाला निर्माण हो चुका है। 38 एमएलडी की एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बन गई और वर्तमान में इसका ट्रायल रन चल रहा है। 61 एमएलडी क्षमता के पंपिंग स्टेशन का भी कार्य पूर्ण हो गया है और इसका भी ट्रायल रन किया जा रहा है। 17.94 किमी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन में से 17.50 किमी तक काम हो गया है, शेष कार्य भी जारी है। 14 ब्रिज/कल्वर्ट भी बन गए हैं। शेष कार्य को भी तेजी से कराया जा रहा है। यह परियोजना एक मृत नाले को पुनर्जीवित करने का माध्यम बनी है।
शहर के उत्तरी छोर की पांच लाख आबादी को मिलेगी बड़ी राहत
इसके बाद सीएम योगी इस परियोजना के तहत बिछिया में बन रहे एसटीपी पर पहुंचे। एसटीपी का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने यहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत 15 जून तक गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के सभी काम पूर्ण हो जाएंगे। इससे इस वर्ष मानसून से पहले आधे शहर की जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी। परियोजना का काम पूरा होते शहर के उत्तरी छोर की करीब पांच लाख आबादी को बड़ी राहत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जल भराव एक बड़ी चुनौती थी। इससे जल जनित और मच्छर जनित बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा था। अब इस समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाला अब न केवल अतिक्रमण मुक्त हो गया है बल्कि जल भराव की समस्या को दूर करने का भी बड़ा माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के दौरान इस नाले के दोनों तरफ पौधरोपण अभियान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
ईज ऑफ लिविंग का मॉडल बन रहा गोरखपुर
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी शहर की सूरत को बदलने, लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने और ईज ऑफ लिविंग को सर्वोत्तम बनाने के लिए क्या मॉडल होना चाहिए, आज गोरखपुर शहर उसका एक उदाहरण बन रहा है। पिछले 9 वर्ष में गोरखपुर महानगर ने बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की हैं। आज गोरखपुर में चारो दिशाओं से फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी है। गोरखपुर में रामगढ़ताल का सुंदरीकरण हो चुका है। गोरखपुर में जल निकासी की उचित व्यवस्था, खुले नालों को बंद करने की व्यवस्था तथा उसमें बहने वाले जल को उपचारित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि कभी छोटी नदी रही गोड़धोइया नाला एक गंदा नाला बन चुका था। यह जंगल छत्रधारी होते हुए रामगढ़ताल में गिरता था। पहले यह नाला गंदगी, प्रदूषण, मच्छर, जलजमाव का कारण बन जाता था। आज इसका पुनरूद्धार कर इसे अत्याधुनिक मॉडल के रूप में खड़ा किया जा रहा है।
नाले के दोनों तरफ मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
मुख्यमंत्री ने कहा अब गोड़धोइया नाले में कोई सीवर और कोई गंदा नाला नहीं गिर रहा है, इसमें केवल शुद्ध पानी प्रवाहित होगा। सीवर और ड्रेनेज के लिए इसमें दोनो तरफ अलग से लाइन बिछायी गयी है, जो भूमिगत है। उन्होंने कहा कि करीब 9.5 किमी का आरसीसी से निर्मित किया नाला 9 मीटर चौड़ा है। वर्षा काल में यह नाला गोरखपुर महानगर के जल को रामगढ़ताल, तरकुलानी होते हुए राप्ती नदी में छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि इस नाले में 14 कलवर्ट/ब्रिज बनाए गए हैं जो इस पार से उस पार तक आवागमन को आसान बनाएंगे। इस नाले के दोनों तरफ सड़क के निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे इस क्षेत्र के लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग प्राप्त होगा।
जल जमाव, मच्छर व बीमारी की समस्या का स्थायी समाधान
सीएम योगी ने कहा कि इस परियोजना में 38 एमएलडी की एसटीपी और 61 एमएलडी क्षमता के पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाले के पुनरूद्धार का निर्माण कार्य को लगभग 15 जून तक पूर्ण करने का प्रयास है। इससे गोरखपुर को जल जमाव, मच्छर व बीमारी की समस्या का स्थायी समाधान प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि मोहल्लों की गंदगी अब सीवर लाइन से सीधे एसटीपी तक पहुंचाकर उसका शोधन होगा। इससे इस क्षेत्र की लगभग 5 लाख आबादी लाभान्वित होगी।
नालों में प्लास्टिक और गंदगी न फेंके
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नलने कहा कि आज गोरखपुर विकास का मॉडल बना है। नगर निगम गोरखपुर स्वच्छता का मॉडल प्रस्तुत कर रहा है तथा गोरखपुर विकास प्राधिकरण कन्वेंशन सेंटर तथा नए-नए आवासीय कालोनी का निर्माण कर रहा है। आज गोरखपुर के विकास के लिए अलग अलग योजनाओं के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। यह गोड़धोइया नाला भी उसी का एक हिस्सा है। 15 जून तक इसके निर्माण कार्य पूर्ण होने पर इसका उद्घाटन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज जब नगर निगम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के मिशन को आगे बढ़ाने में प्रतिबद्ध है तो हम नागरिकों का भी यह दायित्व है कि हम प्लास्टिक का उपयोग न करे, नालों में प्लास्टिक, कपड़े, गंदगी आदि न फेंके। यदि ऐसा हम करेंगे तो हमारा शहर स्वच्छ व सुंदर होगा। इससे वर्तमान तथा आने वाली पीढ़ी विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित होगी और गोरखपुर समृद्धि के नए लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, क्षेत्रीय पार्षद आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
शोधित पानी जाएगा रामगढ़ताल में
बिछिया जंगल तुलसीराम पश्चिमी, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालिग्राम, बिछिया जंगल तुलसीराम पूर्वी, रेलवे बिछिया कॉलोनी, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर, लोहिया नगर, जंगल नकहा, राम जानकी नगर, शक्तिनगर एवं चक्सा हुसैन से जनित सीवेज जो नाले में बहते हैं, उन्हें 38 एमएलडी एसटीपी पर शोधित कर रामगढ़ताल में प्रवाहित किया जाएगा। नाला अतिक्रमण मुक्त होने से इसके कैचमेंट एरिया (अधिग्रहण क्षेत्र) में आने वाली विभिन्न कालोनियों में जलभराव की समस्या का भी निदान हो जाएगा।












































