UP: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी) पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बैंकॉक से आई एयर एशिया फ्लाइट से उतरे सहारनपुर जिले के देवबंद निवासी युवक शनावर के पास से 6.23 किलो हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद हुआ है। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 6.23 करोड़ रुपये बताई जा रही है। खुफिया सूचना पर आधारित चेकिंग अभियान में ग्रीन चैनल के पास युवक को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। आरोपी के बैग से सात वैक्यूम पैक पाउच में भरा हाइड्रोपोनिक वीड मिला। कस्टम विभाग ने सरोजनीनगर पुलिस को सूचना दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना का विवरण
एयर एशिया की बैंकॉक से लखनऊ आने वाली फ्लाइट से उतरते ही कस्टम अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर युवक शनावर पर नजर रखी। ग्रीन चैनल (जहां यात्री बिना घोषणा के निकलते हैं) से गुजरते समय उसे रोका गया। तलाशी में उसके हैंड बैग से सात वैक्यूम पैक पाउच बरामद हुए, जिनमें कुल 6.23 किलो हाइड्रोपोनिक वीड भरा था। यह उच्च गुणवत्ता वाला गांजा है जो हाइड्रोपोनिक तरीके से उगाया जाता है और बाजार में बहुत महंगा बिकता है। आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में ड्रग्स होने से इनकार किया लेकिन बरामदगी के बाद वह चुप हो गया।
कस्टम और पुलिस की कार्रवाई
कस्टम विभाग ने तुरंत सरोजनीनगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर सरोजनीनगर थाने ले जाया गया। एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ में बैंकॉक से ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क और उसके साथियों की जानकारी निकाली जा रही है। कस्टम अधिकारियों ने कहा कि यह एयरपोर्ट पर हाल के महीनों में हुई सबसे बड़ी ड्रग्स पकड़ में से एक है। जांच में अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का कनेक्शन भी सामने आ सकता है।
हाइड्रोपोनिक वीड और तस्करी का महत्व
हाइड्रोपोनिक वीड सामान्य गांजे से अधिक शक्तिशाली और महंगा होता है क्योंकि इसे नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। थाईलैंड और बैंकॉक जैसे क्षेत्रों से भारत में इसकी तस्करी आम हो गई है। बरामद 6.23 किलो की मात्रा से सैकड़ों लोगों को सप्लाई की जा सकती थी। कस्टम विभाग ने कहा कि एयरपोर्ट पर खुफिया नेटवर्क और एक्स-रे मशीनों के जरिए चेकिंग बढ़ाई गई है ताकि ऐसे प्रयास नाकाम किए जा सकें।
प्रभाव और आगे की जांच
यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस और कस्टम विभाग मिलकर आरोपी के फोन, बैंक खातों और संपर्कों की जांच कर रहे हैं। यदि बड़ा नेटवर्क मिला तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जा सकता है।
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